सावधान! आयकर और GST विभाग की AI ‘तीसरी आंख’ अब हर लेन-देन पर नजर रखेगी
Udaipur Times, Taxation News Update: 25 मई 2026। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक डेटा एनालिटिक्स के इस दौर में अब करदाता, व्यापारी और यहाँ तक कि आम नागरिकों की सामान्य व्यक्तिगत गतिविधियां भी कर विभागों की पैनी नजर में हैं। सोशल मीडिया पोस्ट्स, हाई-वैल्यू ट्रांजैक्शन्स और बैंक डिटेल्स के माध्यम से हर छोटी-बड़ी सूचना सरकार तक सीधे पहुंच रही है।
उदयपुर टैक्स बार एसोसिएशन के अध्यक्ष सीए दीपक एरन ने बताया कि एसोसिएशन के प्लेटिनम जुबली वर्ष के तहत आयोजित स्टडी सर्कल मीटिंग में बैठक के प्रथम सत्र में जयपुर के प्रसिद्ध कर अधिवक्ता पंकज घीया ने मुख्य वक्ता के रूप में कहा कि AI से विभाग की ताकत बढ़ रही है। एडवोकेट घीया ने AI और टैक्स कम्प्लायंस पर चर्चा करते हुए कहा कि अब वह समय चला गया जब आप कुछ भी कर लेंगे और विभाग को पता नहीं चलेगा। जहां एक ओर AI के माध्यम से व्यापारियों और प्रोफेशनल्स को काम में मदद मिल रही है, वहीं दूसरी ओर विभाग भी प्रोजेक्ट इनसाइट के द्वारा इसी तकनीक का उपयोग कर राजस्व चोरी पर सख्ती से लगाम लगा रहा है।
GST अपीलेट ट्रिब्यूनल से संबंधित महत्वपूर्ण प्रावधानों को रेखांकित करते हुए एडवोकेट घीया ने सचेत किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर अपील फाइल नहीं की जाती है, तो उस देरी को सिर्फ माननीय उच्च न्यायालय द्वारा ही माफ किया जा सकेगा। साथ ही कहा कि GST के अंतर्गत एक बार शो कॉज नोटिस देने के बाद विभाग उन्ही बिन्दुओ से बाध्य है, जो नोटिस में दिए गए है। जारी किए गए बिन्दुओ के अलावा अन्य कार्यवाही नही कर सकता है।
प्रथम सत्र की अध्यक्षता सीए केशव मालू ने की।
एसोसिएशन के सचिव सीए हातिम कांकरोली वाला ने बताया कि मीटिंग के दूसरे सत्र में जयपुर के वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट राजीव सोगानी ने 1 अप्रैल से लागू हुए नए आयकर अधिनियम 2025 के विभिन्न पहलुओं और बदलावों पर विस्तृत चर्चा की। सीए सोगानी ने कहा, हालांकि सरकार का दावा है कि नए अधिनियम में केवल भाषा को साफ, सरल और सुविधाजनक बनाया गया है, लेकिन इसके बावजूद कई जगह बेहद महत्वपूर्ण और तकनीकी परिवर्तन हुए हैं, जिन पर प्रोफेशनल्स को गहरा ध्यान देने की आवश्यकता है।
उन्होंने आगे कहा कि सरकार का मुख्य ध्येय अब राजस्व बढ़ाना है, इसलिए विवादों को कम करने के लिए अपडेटेड रिटर्न्स सहित कई सुधारात्मक उपाय और विकल्प दिए गए हैं। उन्होंने प्रोफेशनल्स को कहा कि एआई निश्चित रूप से आपका साथी हो सकता है, लेकिन पेशेवर सफलता के लिए आपकी व्यक्तिगत स्किल्स का होना ही सबसे अनिवार्य है। इस सत्र की अध्यक्षता सीए (डॉ.) निर्मल कुणावत ने की।
इस विशेष तकनीकी सत्र के अवसर पर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष सीए अरुण रत्नावत, कोषाध्यक्ष सीए अंकित जैन, उदयपुर टैक्स बार चैरिटेबल सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट दीपक प्रजापत और सचिव महेश मंडोवरा, कार्यकारिणी सदस्य सीए पंकज नेवटिया, सीए गिरीश बोहरा, राजेश देवपुरा, सहित शहर के कई वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स, टैक्स एडवोकेट्स और कर पेशेवर मुख्य रूप से उपस्थित रहे और चर्चा में भाग लिया।
