भामाशाह योजना में कैश-नॉन कैश लाभ

बड़े शॉपिंग मॉल, आधुनिक रेस्टोरेंट या लग्जरी होटल आदि में बिल का भुगतान जिस प्रकार 'ष्डेबिट.क्रेडिट कार्ड' को स्वाइप कर किया जाता है, ठीक उसी प्रक्रिया से ई.मित्र केन्द्रों पर भामाशाह कार्डधारक प्रतिदिन 2000 रुपये की सीमा तक नकद निकासी या यूटिलिटी सेवाओं जैसे पानी.बिजली के बिल भुगतान

 | 

भामाशाह योजना में कैश-नॉन कैश लाभ

बड़े शॉपिंग मॉल, आधुनिक रेस्टोरेंट या लग्जरी होटल आदि में बिल का भुगतान जिस प्रकार ‘ष्डेबिट.क्रेडिट कार्ड’ को स्वाइप कर किया जाता है, ठीक उसी प्रक्रिया से ई.मित्र केन्द्रों पर भामाशाह कार्डधारक प्रतिदिन 2000 रुपये की सीमा तक नकद निकासी या यूटिलिटी सेवाओं जैसे पानी.बिजली के बिल भुगतान सेवाओं का लाभ; बिना किसी अधिकतम सीमा केद्ध उठा सकेंगे। राज्य सरकार द्वारा भामाशाह योजना के तहत बैकिंग सेवाएं गांव.गांव उपलब्ध करवाने के लिए ई.मित्र केन्द्रों पर माइक्रो एटीम लगाए गए है जिनसे कार्डधारक अपने खाते से पैसे निकालने या फिर खाते में उपलब्ध राशि से पानी.बिजली बिल का भुगतान करने की सुविधा ई.मित्र पर प्राप्त कर सकता है।

सरकार ने इसके लिए स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया, बैंक ऑफ बड़ौदा तथा पंजाब नेशनल बैंक के साथ करार किया है जिसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर कम से कम एक माइक्रो एटीएम की स्थापना कर बैकिंग सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। राज्य भर में ई.मित्र केन्द्रों पर 12 हजार ‘ष्माइक्रो एटीएम’ मशीनें लगाई जा चुकी है जिनमें से लगभग 8000 माइक्रो एटीएम ग्रामीण क्षेत्रों मे लगाये गये हैं।

भामाशाह कार्डधारकों को अपने घर के नजदीक नकद निकासी की सुविधा प्रदान करने के लिए ई.मित्र कियोस्क को बैकिंग प्रतिनिधि भी बनवाया गया है। बैंक ऑफ बड़ौदा तथा पंजाब नेशनल बैंक के साथ करार के तहत राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में 10.10 हजार माइक्रो एटीएम मशीनें और लगाई जायेंगी। भामाशाह कार्डधारी अपना डेबिट रुपये कार्ड इन मशीनों पर ‘ष्स्वाइप’ कर खाते में उपलब्ध राशि में से निकासी अथवा बिलों का भुगतान कर सकेंगे।

राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में भी भामाशाह कार्डधारकों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से 384 माइक्रो एटीएम मशीनें विभिन्न ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर स्थित अटल सेवा केन्द्रों पर लगाई जा चुकी है और इन्होंने कार्य करना शुरू कर दिया है। उपनिदेशक शीतल अग्रवाल ने बताया कि राज्य स्तर से प्राप्त कुल 542 माइक्रो एटीएम मशीनें प्राप्त हुई थी और शेष को जिले की अन्य ग्राम पंचायतों के अटल सेवा केन्द्रों पर भेजा जा रहा है। प्रथम चरण में अजमेर, टोंक, सीकर, झुंझुनूं, धौलपुर, बारां, बूंदी एवं झालावाड़ जिलों में पॉस मशीनों से उचित मूल्य की दुकानों पर राशन सामग्री के वितरण का परीक्षण चल रहा है। सितम्बर माह से इन जिलों में राशन सामग्री के विधिवत् वितरण की शुरूआत होगी। इन आठ जिलों के राशन डीलर्स को पॉस मशीनों की स्थापना एवं संचालन से सम्बन्धित आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पॉस मशीनों से राशन वितरण व्यवस्था द्वितीय चरण में कोटा, अलवर, जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, उदयपुर व भरतपुर जिलों में लागू होगी। इसके बाद तीसरे चरण में शेष सभी जिलों में भामाशाह योजना के गैर.नकद लाभों का वितरण पॉस मशीनों से प्रारम्भ होगा।

Follow UdaipurTimes on Facebook , Instagram , and Google News