हरियाणा में हुए करोड़ों के बैंक घोटाले में CBI का बड़ा एक्शन, पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के सीनियर अकाउंट ऑफिसर को किया गिरफ्तार
Udaipur Times, Haryana news : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आई है। हरियाणा के बहुचर्चित बैंक घोटाले में CBI ने आज गुरुवार को एक बार फिर कड़ा एक्शन लिया है। जिसके चलते CBI ने हरियाणा पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (HSPCB) के सीनियर अकाउंट ऑफिसर प्रवीण कुमार को अरेस्ट कर लिया। जानकारी के मुताबिक, CBI जांच में सामने आया कि IDFC फर्स्ट बैंक में प्रवीण कुमार ने HSPCB की मंजूरी के बिना गुप्त तरीके से अकाउंट खुलवाया था।
बताया जा रहा है कि इस खाते के जरिए फर्जी वित्तीय लेनदेन किए गये है। बोर्ड की रकम चेक और डेबिट नोट्स के माध्यम से निकालकर शेल कंपनियों में भेजी गई। मिली जानकारी के अनुसार, खाता प्रवीण कुमार के नाम से खोला गया था, लेकिन उसमें दूसरे आरोपी का मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया, ताकि फर्जी लेनदेन का पता न चल सके।
इससे पहले बैंक घोटाले में 30 जून को सीनियर IAS प्रदीप डागर की गिरफ्तारी हुई थी। डागर बोर्ड में सदस्य सचिव रहे थे। गुरुवार को ही डागर की दो दिन की रिमांड पूरी हुई, जिसके बाद उन्हें 14 दिन की ज्यूडिशियल कस्टडी मे भेज दिया गया। रिमांड के दौरान डागर ने घबराहट और सीने में दर्द की शिकायत की थी। इसके बाद उनकी ECG और अन्य मेडिकल जांच कराई गई।
बोर्ड में हुए करीब 169 करोड़ रुपए के वित्तीय गड़बड़ी में यह तीसरी गिरफ्तारी है। सबसे पहले डाटा एंट्री ऑपरेटर सौरभ शर्मा को अरेस्ट किया गया। पूछताछ में जिनके नाम सामने आ रहे है, CBI उन्हें गिरफ्तार कर रही है। बताया जा रहा है कि डागर ने बोर्ड के तत्कालीन चेयरमैन सीनियर आईएएस विनीत गर्ग का नाम भी लिया है।
खबरों की मआने तो CBI के अनुसार, यह मामला IDFC First Bank की सेक्टर-32 शाखा से जुड़े उस बड़े घोटाले का हिस्सा है, जिसमें हरियाणा सरकार के आठ विभागों के करीब ₹504 करोड़ फर्जी या अस्तित्वहीन फिक्स्ड डिपॉजिट और डेबिट नोट के जरिए निकालकर शेल कंपनियों में भेजे गए।
मिली जानकारी के अनुसार, अब तक इस मामले में 25 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 17 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दायर की जा चुकी है। इनमें IDFC First Bank और AU Small Finance Bank के छह बैंक अधिकारी, हरियाणा सरकार के तीन लोकसेवक, दो कंपनियां और छह निजी व्यक्ति शामिल हैं।
