अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस मनाया, ज्ञापन दिये
आदिवासियों के अधिकारों को लेकर आज उदयपुर सम्भाग व आसपास के जिलों के हजारों आदिवासियों ने रविवार को उदयपुर पहुंच कर अपना शक्ति प्रदर्शन किया और परम्परागत वेशभूषा में ढ
आदिवासियों के अधिकारों को लेकर आज उदयपुर सम्भाग व आसपास के जिलों के हजारों आदिवासियों ने रविवार को उदयपुर पहुंच कर अपना शक्ति प्रदर्शन किया और परम्परागत वेशभूषा में ढोल.नगाडों के साथ रैली निकाल कर सम्भागीय आयुक्त कार्यालय के बाहर महापडाव डाला और अपनी मांगों को लेकर धरना देकर प्रदर्शन किया तथा अपनी विभिन्न मांगों के ज्ञापन कार्यवाहक संभागीय आयुक्त को सौपे।
यूएनओं द्वारा 9 अगस्त को अन्तर्राष्ट्रीय आदिवासी दिवस घोषित किये जाने के बाद राजस्थान में आज पहली बार उदयपुर में इस तरह से पूरे सभाग के आदिवासियांे नेयह दिवस मनाया और सरकार के साथ अपने अधिकारों की मांग करते हुए संवाद स्थापित करने का प्रयास किया।
संभाग से आदिवासी हाथंों में परम्परागत तीर कमानों के साथ पारम्परिक वेशभूषा आदि पहन कर टाउन हॉल पर एकत्रित हुए और नारे बाजी करते हुए हुए जूलूस के रूप में बापू बाजार होते हुए देहलीगेट, अश्विनी बाजार, हाथीपोल व चेतक सर्किल होते हुए जनजाति आयुक्त कार्यालय पहुंचे और आमसभा की। रैली का नेतृत्व जंगल जमीन आन्दोलन के संयोजक रमेश नन्दवाना, पूर्व विधायक मेधराज तावड, इन्दौर से आये पोरलाल खर्ते, पूर्व जिला प्रमुख डूंगरपुर भगवती लाल रोत, आदिवासी एकता परिषद की साधना मीणा व सोमश्वर लाल मीणा ने किया। रैली के दौरान आदिवासी दो.दो की लाईनों में चल रहे थे तथा आदिवासियों की मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी कर रहे थे। इस दौरान नारेबाजी के साथ आदिवासी महिलाओें व पुरूषों ने नारे लिखी हुई तख्तियां हाथों में ले रखी थी। इन आदिवासियों ने परम्परागत वेशभूषा पहन रखी थी। सम्भागीय आयुक्त कार्यालय पहुंचने के बाद आदिवासियों ने महापडाव डाला और आम सभा की। सभा की अध्यक्षता वक्ता स्वतन्त्रता सैनानी महेश कोटेड ने की।
सभा में जंगल जमीन आन्दोलन के संयोजक रमेश नन्दवाना ने वर्षांे से काबिज आदिवासियों को उनकी जमीनों तत्काल पटटे जारी करने तथा खानों में काम करने वाले आदिवासियों को पूरा मेहनताना दिलाये जाने की मांग कीए जबकि पूर्व विधायक मेधराज तावड ने उदयपुर में आदिवासियों को न्याय दिलाने के लिए जल्दी ही हाईकोर्ट बैंच की उदयपुर में खोलने की बात कही।
इन्दौर से आये पोरलाल खर्ते ने केन्द्र व राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ दिलाने, पूर्व जिला प्रमुख डूंगरपुर भगवती लाल रोत ने आदिवासियों की जमीनों पर भूमाफियों द्वारा कब्जे करने वालों के खिलाफ कार्यवाही करने की मांग कीे, आदिवासी एकता परिषद की साधना मीणा ने महिलाओं की सुरक्षा करने तथा उन्हे आत्मनिर्भर बनाये जाने एवं बार एसोसिएशन के अघ्यक्ष प्रवीण खडंेलवाल ने इस दिवस पर सभी को हर सम्भव मदद देने की बात कही।
सभा में राजस्थान आदिवासी महासभा के भूपत सिंहए आदिवासी महासभा केसमर्थलाल परमार, आदिवासी एकता परिषद डूगरपुर के मोगजी भगोराए दक्षिणी राजस्थान मजदूर संघ के दौलत राम दामा जिला आदिवसी भील संस्थान देवीलल दाणा एअनुसूचित संघर्ष समिति के विक्रम कटारा कालूराम मीणा, धर्मचन्द खेर, रूपलालएनवीन सिंह गरासिया मदनलाल भील एषंकर लाल कई नेताओं व वक्ताओं ने संबोधित किया।