डॉ. भीम राव अम्बेडकर की 125 वीं जयन्ती पर समारोह
डॉ. अम्बेडकर विचार मंच, के तत्वावधान में बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की 125 वीं जयन्ती 14 अप्रैल 2015 के उपलक्ष्य में जयन्ती समारोह का आयोजन विधानिकेतन संेक्टर नं. 4 मेे प्रातः 11.00 बजे किया गया

डॉ. अम्बेडकर विचार मंच, के तत्वावधान में बाबा साहब डॉ. भीम राव अम्बेडकर की 125 वीं जयन्ती 14 अप्रैल 2015 के उपलक्ष्य में जयन्ती समारोह का आयोजन विधानिकेतन संेक्टर नं. 4 मेे प्रातः 11.00 बजे किया गया ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री बी.आर.भाटी सेवानिवृत राजस्थान प्रषासनिक सेवा ने की । अध्यक्षिय उद्बोधन मे श्री भाटी ने कहा कि बाबा साहब के सपनो को साकार करने के लिये सतत कार्य का संकल्त समाज के सभी अंगो को लेना पडेगा ।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि श्री पन्नालाल मेघवाल सेवानिवृत निदेषक राजस्थान जनसम्पर्क ने बाबा साहब के मंत्रों मे षिक्षा पर जोर देते हुए विषेशतौर पर बालिकाओं को षिक्षित करने का आग्रह किया ।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री महेषचन्द्र आमेटा समाज सेवी ने बाबा साहब की जीवनी को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया । इसके अतिरिक्त उन्होने कहा कि सामाजिक असमानता प्राचिन काल में नही थी । बाबा साहब जानते थे कि यह गुलामी काल की उपज थी एवं इससे समाज को उपर उठाने के लिये बाबा साहब जीवन पर्यन्त संघर्शरत रहे ।
श्री आमेटा ने सर्व समाजों को संदेष देते हुए सामाजिक विशमता दूर करने के विभिन्न कार्यक्रमों मे सहयोग करने का आव्हान किया ।
कार्यकम में विचार व्यक्त करते हुए महा विधालय प्राचार्य से सेवानिवृत श्री एम.आर.बारुपाल ने कहा कि षिक्षा के फलस्वरुप ही बाबा साहब को यह स्थान प्राप्त हो पाया है इसके अतिरिक्त उन्होने षेक्षणिक परिदृश्य को विस्तृत में प्रस्तुत किया । श्री बारुपाल ने कहा कि षिक्षा ही सम्पन्नता का द्वार है । चाहे वो अर्थाजन हो अथवा ख्याति अर्जन षिक्षा के बिना कोई भी संभव नही है ।
कार्यक्रम के प्रांरभ में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रांे हनुमान प्रसाद ने कार्यक्रम व संगठन की रुपरेखा प्रस्तुत की एवं बताय कि दिनांक 12 अप्रैल को यह जयति समारोह आयोजित करने का ध्येय 14 अप्रैल को आयोजित विभिन्न संगठनों की ओर से आयोजित होने वाले जयन्ती समारोह के किसी भी कार्यक्रम में बाधा उत्पन्न नही हो ।
कार्यक्रम का संचालन श्री प्रेमषंकर मेघवाल ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन श्री भंवरलाल मेघवाल ने किया ।
