चाणक्य के मंचन से नाट्य समारोह का आगाज़
भारतीय लोक कला मंडल, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, चंडीगढ़ एवं दी परफॉर्मर्स संस्था के संयुक्त तत्वावधान में "चाणक्य" की प्रभावशली प्रस्तुति के साथ तीन दिवसीय नाट्य समरोह का शुभारम्भ हुआ।

भारतीय लोक कला मंडल, चंडीगढ़ संगीत नाटक अकादमी, चंडीगढ़ एवं दी परफॉर्मर्स संस्था के संयुक्त तत्वावधान में “चाणक्य” की प्रभावशली प्रस्तुति के साथ तीन दिवसीय नाट्य समरोह का शुभारम्भ हुआ। 
उक्त नाटक प्रसिद्ध विचारक, अर्थशास्त्री व अध्यापक चाणक्य के कथानक पर आधारित था। विष्णुगुप्त चाणक्य प्राचीन भारतीय राजनीति एवं अर्थशास्त्र की गहन नीति की झलक उनके इस नाटक में देखने की मिली। उनकी इसी विचारधारा से अखंड भारत काट निर्माण हुआ। इसके लिए उन्होंने खंड खंड में बटे राज्यों को एक कर व सभी धर्मो के अनुयायियों के सहयोग से किया। चाणक्य की राजनितिक निति का प्रभावशाली आकर्षक मंचन देखने को मिला।
अमित सनोरिया व सरवर अली का निर्देशन बहुत ही उत्कृष्ट था। नाटक के मुख्य पात्र में अलक्षेन्द्र–अमन गिल, सेलुकस– डॉ राजन, सुहासिनी–ज्योति बंसल, सैनिक व राजा–कंवरपाल सिंह, राहुल कुंडिया, रमनदीप, भद्रभट्ट– सुमन कुमार, पौरुषदत्त–राजा सुब्रमण्यम, धनानंद–सैयद आलिम, चन्द्रगुप्त–दुर्गेश अटवाल, अमात्य–सरवर अली, चाणक्य–शिवम् ढिल्लो एवं मृणालिनी–गुरशीन कौर की भूमिकाए प्रशंसनीय एवं सराहनीय रही।
नाटक से पूर्व संस्था के सहायक निदेशक गोवेर्धन सामर, मानद सचिव रियाज़ तहसीन, अतिथि बी एस बाबेल एवं विलास जानवे ने डीप प्रज्वलित कर नाट्य समारोह का शुभारम्भ किया। कार्यक्रम के अंत में संस्था के सहायक निदेशक गोविन्द सामर ने सभी दर्शको और कलाकारों का धन्यवाद ज्ञापित किया एवं बताया की कल साय 7:30 बजे श्रीमती नम्रता शर्मा द्वारा निर्देशित नाटक आहात का मंचन किया जायेगा।
