डेयरी व्यवसाय से बदली छन्दरपाल की किस्मत, अब कमा रही हर महीने 10 से 12 हजार रुपये महीना
Udaipur Times, Haryana News, सिरसा : पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से अनुसूचित जाति वर्ग के लोगों को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से चलाई जा रही योजना ग्रामीण परिवारों के लिए आजीविका का साधन बन रही है। इस योजना का लाभ उठाकर सिरसा जिले के गांव मंगाला निवासी छन्दरपाल ने दो दुधारू पशुओं की यूनिट स्थापित की। इस व्यवसाय के माध्यम से अब उन्हें हर महीने 10,000 से 12,000 रुपये तक की आमदनी हो रही है, जिससे उनके परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
बैंक ऋण और सरकारी अनुदान से शुरू किया डेयरी व्यवसाय
छन्दरपाल ने बताया कि उन्होंने पशुपालन एवं डेयरी विभाग की अनुसूचित जातियों के लिए रोजगार के अवसर प्रदान करने की योजना के तहत दो दुधारू पशुओं की यूनिट स्थापित करने का निर्णय लिया। इसके लिए उन्हें पंजाब नेशनल बैंक, मंगाला शाखा से 1 लाख 60 हजार रुपये का ऋण मिला। इसके अतिरिक्त, योजना के निर्धारित प्रावधानों के अनुसार पशुपालन एवं डेयरी विभाग की ओर से 80 हजार रुपये की अनुदान राशि उनके ऋण खाते में जमा करवाई गई। इस अनुदान से उनके ऋण का बोझ कम हुआ और डेयरी व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहायता मिली। दो दुधारू पशुओं के माध्यम से उन्होंने आय अर्जित करने का साधन विकसित किया।
हर महीने 10 से 12 हजार रुपये की हो रही आमदनी
छन्दरपाल के अनुसार, डेयरी व्यवसाय शुरू होने के बाद अब उन्हें हर महीने लगभग 10,000 से 12,000 रुपये की आमदनी हो रही है। इससे परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है और उनकी आर्थिक स्थिति में भी सकारात्मक बदलाव आया है। उन्होंने बताया कि सरकारी योजना के तहत मिली सहायता से उन्हें स्वरोजगार अपनाने का अवसर मिला। बैंक ऋण और विभागीय अनुदान के सहयोग से शुरू किया गया यह व्यवसाय उनके परिवार के लिए आय का एक महत्वपूर्ण साधन बन गया है।