चारधाम यात्रा होगी बिल्कुल आसान ! गंगाोत्री-केदारनाथ धाम के बीच नया रूट बनाने की तैयारी, 150 KM की दूरी होगी कम

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चारधाम यात्रा होगी बिल्कुल आसान ! गंगाोत्री-केदारनाथ धाम के बीच नया रूट बनाने की तैयारी, 150 KM की दूरी होगी कम 

Udaipur Times, New Delhi : चारधाम यात्रा को आसान बनाने के लिए एक और नया रूट शुरू करने की तैयारी है। इससे गंगोत्री और केदारनाथ धाम के बीच सड़क दूरी घटकर 198 किमी रह जाएगी, जो अभी 350 किमी है। इसके लिए करीब 100 साल पुराने गंगोत्री-केदारनाथ पैदल मार्ग को मोटरेबल रोड में बदलने का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है। अभी मौजूदा सड़क मार्ग से दोनों धामों के बीच दूरी तय करने में अभी 10 से 12 घंटे लगते हैं, जो घटकर 5 से 6 घंटे रह जाएंगे।

उत्तराखंड सरकार का लोक निर्माण विभाग इस रूट का स्थलीय निरीक्षण और प्रारंभिक सर्वे कर चुका है। राज्य सरकार सड़क को लेकर केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय को प्रस्ताव भी भेज चुकी है। गंगोत्री और केदारनाथ के बीच नई सड़क से चारधाम यात्रा की तस्वीर बदलेगी। श्रद्धालुओं का समय और खर्च दोनों बचेंगे। केंद्र सरकार से प्रोजेक्ट को मंजूरी मिलते ही काम शुरू होगा।

भटवाड़ी से शुरू होगी, त्रियुगीनारायण तक जाएगी

प्रस्तावित सड़क उत्तरकाशी के भटवाड़ी से बेलक, झाला, बूढ़ाकेदार, बिनकखाल, हटकुणी, घुत्तु, गंगी और पंवाली होते हुए रुद्रप्रयाग के त्रियुगीनारायण तक जाएगी। इसे आगे गौरीकुंड से जोड़ा जाएगा। यहां से केदारनाथ तक पैदल रास्ता है। इसमें कई छोटी सड़कों को भी जोड़ा जाएगा। कुछ हिस्सों में पहले से सड़क है। बाकी हिस्सों में पुल-टनल की संभावना तलाशी जाएगी। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख इंजीनियर राजेश शर्मा ने बताया, विस्तृत सर्वे के बाद वास्तविक लंबाई, एलाइनमेंट, जमीन की जरूरत और ब्रिज-टनल की स्थिति स्पष्ट होगी।

पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा

विशेषज्ञों के मुताबिक, भूस्खलन या अन्य आपदाओं की स्थिति में नया मार्ग दोनों प्रमुख धामों के बीच सुरक्षित बायपास के रूप में काम करेगा।

ऐतिहासिक मार्ग: 100 साल पुराना है

इस पुराने पैदल ट्रैक को मोटरेबल रूट बनाने की कवायद 2017 में शुरू हुई थी। 2021 में सामने आया कि करीब 100 साल पहले तीर्थयात्री इसी पैदल मार्ग का इस्तेमाल करते थे। 2023 में लोक निर्माण विभाग ने फिर प्राचीन ट्रैक का निरीक्षण किया। विभाग ने भटवाड़ी-बेलक-बूढ़ाकेदार-पंवालीकांठा-त्रियुगीनारायण रूट पर करीब 94.50 किमी सड़क के प्रस्ताव और सर्वे पर भी काम किया। अब गेंद केंद्र सरकार के पाले में है।

फायदा: वैकल्पिक कॉरिडोर मिलेगा

नई सड़क गंगोत्री और केदारनाथ के बीच वैकल्पिक कॉरिडोर का काम कर सकती है। इससे चारधाम के मौजूदा मार्गों पर यातायात का दबाव कम होगा और मुख्य मार्ग बंद होने पर दूसरा विकल्प मिलेगा। यमुनोत्री और बद्रीनाथ धाम के श्रद्धालुओं को छोटा और सुगम मार्ग मिल जाएगा। कई गांव भी सड़क और बाजार से जुड़ेंगे। इससे होमस्टे, स्थानीय पर्यटन, गाइड-परिवहन सेवाओं और स्थानीय उत्पादों के कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा।

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