दान- धर्म के नाम पर मिल रहा भिक्षावृत्ति को बढ़ावा
जिला प्रषासन एवं स्थानिय स्वयं सेवी संगठनों द्वारा षहर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने हेतु चलाये जा रहे अभियान अन्तर्गत नव वर्ष में मकर सक्रान्ति आने से पूर्व गत सप्ताह से विषेष समझाइष अभियान षहर में संचालित किया जा रहा है।

जिला प्रषासन एवं स्थानिय स्वयं सेवी संगठनों द्वारा षहर को भिक्षावृत्ति मुक्त बनाने हेतु चलाये जा रहे अभियान अन्तर्गत नव वर्ष में मकर सक्रान्ति आने से पूर्व गत सप्ताह से विषेष समझाइष अभियान षहर में संचालित किया जा रहा है।
जिसके तहत सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, बाल अधिकारिता विभाग, पुलिस विभाग एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं द्वारा दल गठित कर षहर के मुख्य चौराहों पर समझाइष करते हुए इस माह में अभी तक कुल 22 ऐसे चायक चिन्हित किए गए जो अन्य षहरों, प्रदेषों से केवल भिक्षा मांगने इस माह में उदयपुर आए है।
सहायक निदेषक बाल अधिकारिता विभाग उदयपुर गिरिष भटनागर द्वारा 1 जनवरी 2015 को जिला पुलिस अधीक्षक, पुलिस विभाग उदयपुर को पत्र जारी कर विभिन्न चोराहो पर तैनात ट्राफिक पुलिस को इस माह विषेष सर्तक रहते हुए समझाइष दल में सहयोग करने की अपिल की। भटनागर ने बताया कि अभियान से स्थानीय याचकों की संख्या में तो कमी आयी है परन्तु षहर में इन दिनों पाए गए याचक मध्यप्रदेष, पाली एवं आस पास से ट्यूरिस्ट सिजन को देखते हुए आ रहे है। इस विषय पर गम्भिरता से योजना बनाकर कार्य किया जा रहा हैं।

अभियान की नोडल संस्था गायत्री सेवा संस्थान के सयुक्त निदेषक ने जानकारी देते हुए बताया कि भिक्षाव्त्ति को बढ़ावा तब तक मिलता रहेगा जब तक आमजन इस विषय में जागरूक नही हो जाते । इसी को ध्यान में रखकर जल्द ही षहर में एक जागरूकता रैली निकाली जाएगी जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के कार्यकर्ता एवं उदयपुर स्कूल ऑफ सॉषल वर्क के विद्यार्थी आमजन में “भिख नही, सिख दे।” की अपील करेंगे। यदि नागरिक पुण्य एवं धर्म हेतु कोई दान करना चाहते है तो वृद्धाआश्रम एवं बाल ग्रहो हेतु कोई सामग्री दान देवे परन्तु भिक्षावृत्ति को बढ़ावा ना दे।
षहर मे समझाइष के दौरान आज ट्राफिक पुलिस के जवान दिनेष साखला, चाइल्ड लाइन प्रतिनिधी एवं गायत्री सेवा संस्थान के प्रतिनिधी प्रवीण कुमार पानेरी, मुकेष सालवी, पुरण मेघवाल, विवेक पालीवाल, मोती लाल मेघवाल,मुल सिंह चौहान सहित आते जाते राहगिरों ने भी सहयोग दिया। कई लोग जिनमें एक निजि विद्यालय की षिक्षिका भी सम्मिलित थी।
बताया कि आज मकर सक्रान्ति पर वे खुल्ले पैसे लेकर घर से निकली थी कि जो भी याचक मिलेगा उसे 1-2 रुपये देगी परन्तु समझाइष दल से मिलने के बाद उन्होने निर्णय लिया कि वे अब भविष्य में कभी भी इस तरह मकर सक्रान्ति न मनाकर वृद्धाश्रम जाकर सभी को भोजन कराएगी पर भिक्षावृत्ति को बढ़ावा नही देगी।
इस प्रकार आज मकर सक्रान्ति पर कुल 37 नागरिकों ने भिक्षावृत्ति को बढ़ावा ना देने का संकल्प लिया।