पिछोला, फतेहसागर, उदयसागर पर चादर जारी, जयसमंद भी लबालब

उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में कल सुबह से देर शाम तक रूक-रूककर तेज़ बारिश का सिलसिला जारी रहा। बीते 36 घंटो में लगभग 40 मिलिमीटर बरसात हो चुकी है, वहीँ एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील जयसमंद झील के कैचमेंट एरिया में 38 मिलीमीटर बरसात होने से इस मानव निर्मित झील का जलस्तर 8 मीटर हो चूका है। यदि पानी की आवक इसी रफ़्तार से बनी रही तो यह झील भी आने वाले दो दिनों में अपनी भराव क्षमता पार कर सकता है।

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पिछोला, फतेहसागर, उदयसागर पर चादर जारी, जयसमंद भी लबालब

उदयपुर शहर और आसपास के क्षेत्रों में कल सुबह से देर शाम तक रूक-रूककर तेज़ बारिश का सिलसिला जारी रहा। बीते 36 घंटो में लगभग 40 मिलिमीटर बरसात हो चुकी है एवं कैचमेंट एरिया में भी अच्छी बारिश होने से जल संसाधन विभाग ने आकोदड़ा बांध का गेट तीन इंच खोल दिया। इस मानसून में पहली बार आकोदड़ा बांध के गेट खोले गए हैं, फलस्वरूप सीसारमा नदी से आवक बढ़ने पर स्वरूपसागर पर भी फिर से चादर चलने लगी। आवक देखते हुए इसके दो गेट भी फिर से खोल दिए गए। 18.40 मीटर पूर्ण भराव क्षमता वाले आकोदड़ा बांध का जलस्तर बुधवार को 17.50 मीटर हो गया। मदार तालाब से लगातार पानी की आवक बने रहने से फतेहसागर की चारो गेट दो-दो इंच खोल दिए गए। स्वरुप सागर और फतेहसागर का पानी आयड़ नदी के रास्ते उदयसागर में जा रहा है। आवक को देखते हुए उदयसागर पर भी गेट खोल दिए गए।  

पिछोला, फतेहसागर, उदयसागर पर चादर जारी, जयसमंद भी लबालब

वहीँ एशिया की सबसे बड़ी कृत्रिम झील जयसमंद झील के कैचमेंट एरिया में 38 मिलीमीटर बरसात होने से इस मानव निर्मित झील का जलस्तर 8 मीटर हो चूका है। उल्लेखनीय है कि जयसमंद की कुल भराव क्षमता 8.38 मीटर है। जल संसाधन अधिकारियो से प्राप्त जानकारी के अनुसार जयसमंद झील मात्र आधा फीट खाली है। यदि पानी की आवक इसी रफ़्तार से बनी रही तो यह झील भी आने वाले दो दिनों में अपनी भराव क्षमता पार कर सकता है।

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