धूम्रपान के प्रति जन जागरूकता के लिये चेतना यात्रा
सिगरेट एवं अन्य तंबाकु उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत जिला प्रशासन एवं पोपुलेशन सर्विसेज इण्टरनेशनल संस्था के तत्वाधान में जिले में आगामी 2 माह में प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘‘धूम्रपान मुक्त‘‘ चेतना यात्रा जाएगी और लोगों में इस अधिनियम की पालना सुनिश्चित करने तथा इसके दुष्परिणामों की जानकारी आम लोगों तक पहुं
सिगरेट एवं अन्य तंबाकु उत्पाद अधिनियम 2003 के प्रावधानों के तहत जिला प्रशासन एवं पोपुलेशन सर्विसेज इण्टरनेशनल संस्था के तत्वाधान में जिले में आगामी 2 माह में प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘‘धूम्रपान मुक्त‘‘ चेतना यात्रा जाएगी और लोगों में इस अधिनियम की पालना सुनिश्चित करने तथा इसके दुष्परिणामों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
जिला कलक्टर विकास एस.भाले ने सोमवार को कलेक्ट्रेट परिसर से चेतना यात्रा के रथों को हरी झण्डी देकर रवाना किया। इस अवसर पर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर. एन. बैरवा ने बताया कि सभी लोग धूम्रपान मुक्त हवा में सांस ले सकें इसके लिये आवश्यक है कि इस अधिनियम की पालना सुनिश्चित हो एवं व्यक्ति आगे आकर इस बुरी लत को त्यागें।
उन्होनें बताया कि वर्ष 2010 में स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा किए गए विश्व वयस्क तंबाकु सर्वेक्षण के मुताबिक प्रदेश एवं जिले में इसके उपयोग से केन्सर जैसी जानलेवा बीमारी पाई गई है।
उन्होंने बताया कि धूम्रपान निरन्तर एवं शांत हत्यारें के रूप में कार्य करता है जिसके आर्थिक एवं धूम्रपान करने वाले एवं सेकण्ड हेण्ड के स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों के प्रति लोग अनभिग्य हैं। धूम्रपान के कारण केवल भारत वर्ष में लगभग 10 लाख लोग प्रतिवर्ष अकाल मोत के ग्रास बन जाते हैं।
पोपुलेशन सर्विसेज इण्टरनेशनल के अभिलाष ने बताया कि यह रथ जनवरी एवं फरवरी माह में जिले की सभी 467 ग्राम पंचायतों में जाकर लोगों में जागरूकता जगाएगा। इसके पश्चात मार्च माह में इस सम्बन्ध में सर्वेक्षण भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि राजस्थान में उदयपुर सहित जोधपुर एवं कोटा को पायलेट प्रोजेक्ट जिले के रूप में चयनित किया गया है।
