उदयपुर के सरकारी अस्पताल में बच्चा बदलने की घटना
एक तरफ जहाँ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा समाज में लिंग भेद मिटाने के दावे किये है रहे है। वहीँ कन्या भ्रूण हत्या के मामले भी सामने आ रहे है। लेकिन उदयपुर शहर में समाज के दूषित लोग और बेटा बेटी में भेदभाव रखने वाले लोगो ने अस्पताल में बेटी पैदा होने पर अपने ही बच्ची को दूसरे बच्चे से बदलने का एक घिनौना और सनसनीखेज़ मामला सामने आया है।
एक तरफ जहाँ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दिया जा रहा है। सरकार द्वारा समाज में लिंग भेद मिटाने के दावे किये है रहे है। वहीँ कन्या भ्रूण हत्या के मामले भी सामने आ रहे है। लेकिन उदयपुर शहर में समाज के दूषित लोग और बेटा बेटी में भेदभाव रखने वाले लोगो ने अस्पताल में बेटी पैदा होने पर अपने ही बच्ची को दूसरे बच्चे से बदलने का एक घिनौना और सनसनीखेज़ मामला सामने आया है।
उदयपुर के एमबी हॉस्पिटल के जनाना वार्ड में बच्चों के बदलने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। ऐसे मामले में अमूमन अस्पताल प्रशासन की लापरवाही के कारण सामने आते है, लेकिन इस मामले का घटनाक्रम का देखा जाये तो इसमें अस्पताल में कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य करने वाली महिला ने इस घटना को अंजाम दिया है। हालाँकि अस्पताल प्रशासन की ओर से कॉन्ट्रैक्ट पर कार्यरत मोनिका का बचाव किया गया और और उन्हें तुरंत अस्पताल के बाहर भेज दिया इससे इस प्रकरण में कुछ और लोगो की मिलीभगत होने की भी सम्भावना है।
एमबी अस्पताल के जनाना वार्ड में रतन कुंवर नामक महिला को लड़की हुई थी और बिंदु मेघवाल नाम की महिला को लड़का हुआ था लेकिन डिलीवरी के एक घंटे के बाद ही दोनों के बच्चे बदल दिए गए। डिलीवरी के तुरंत बाद बिंदु मेघवाल को लड़का होने की बात महिला और उनके परिजनों को बताई थी लेकिन बाद में बिंदु मेघवाल के परिजनों को जब बच्ची दी गई तो हॉस्पिटल परिसर में हंगामा हो गया। इस पूरे घटनाक्रम के दौरान कॉन्ट्रैक्ट पर कार्य करने वाली मोनिका नाम की महिला की ओर से बच्चा बदलने की बात सामने आई। हंगामे के दौरान हॉस्पिटल स्टाफ और पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और करीब घंटे भर की मशक्कत के बाद बिंदु मेघवाल को उसका बच्चा दिलवा गया।
बिंदु मेघवाल के पति ने आरोप लगाया है की अस्पताल में कार्यरत कर्मचारी मोनिका नाम की महिला ने रतन कुंवर की मिलीभगत से बच्चों को बदलने की कोशिश की। उनका कहना है की जब बच्चे बदले गए थे उस दौरान बिंदु मेघवाल की ननंद यशोदा मेघवाल ने मोनिका की इस करतूत को देख लिया था। पीड़िता बिंदु मेघवाल के पति की ओर से पुलिस थाने में बच्चे बदलने का मामला भी दर्ज करवाया गया है लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से किसी प्रकार की कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं बिंदु मेघवाल की ननंद यशोदा मेघवाल ने बताया कि जब यह घटनाक्रम हुआ तब रतन कुंवर वही पर थी लेकिन कुछ ही समय बाद रतन कुंवर भी हास्पीटल में दिखाई नही दी इसलिए इस पूरे घटनाक्रम में मोनिका के साथ रतन कुंवर की भूमिका संदिग्ध है।