चाईल्ड हेल्प लाइन बोर्ड का हुआ विमोचन
बाल अधिकारों के हनन को रोकने के लिए उदयपुर जिले के ग्रामीण जनजाति अंचल के प्रत्येक राजकीय विद्यालय एवं सामुदायिक भवन पर चाईल्ड हेल्प लाइन डिस्प्लेे बोर्ड लगवाया जायेगा जिस पर बाल श्रम, बाल विवाह, बाल अधिकारों के हनन से जुड़े किसी भी मामले पर तुरन्त फोन करने हेतु सम्पर्क सूत्र अंकित है।

बाल अधिकारों के हनन को रोकने के लिए उदयपुर जिले के ग्रामीण जनजाति अंचल के प्रत्येक राजकीय विद्यालय एवं सामुदायिक भवन पर चाईल्ड हेल्प लाइन डिस्प्लेे बोर्ड लगवाया जायेगा जिस पर बाल श्रम, बाल विवाह, बाल अधिकारों के हनन से जुड़े किसी भी मामले पर तुरन्त फोन करने हेतु सम्पर्क सूत्र अंकित है।
डिस्प्लेे बोर्ड स्थानीय स्वयंसेवी संस्थान गायत्री सेवा संस्थान द्वारा बनाया गया हे। जिसका विमोचन आज अशोक नगर स्थित टी.आर.आई. भवन में बाल अधिकारिता विभाग द्वारा आयोजित सम्भाग स्तरीय बाल संरक्षण कार्यशाला में निदेशक, बाल अधिकारिता विभाग, जयपुर हंसा सिंह देव, पूर्व पुलिस महानिरीक्षक जयपुर, राधाकान्त सक्सेना एवं सदस्य राजस्थान बाल अधिकार संरक्षण आयोग जयपुर गोविन्द बेनिवाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर बेनिवाल ने गायत्री सेवा संस्थान की इस पहल की सराहना करते हुए बताया कि वास्तव में लोगों तक इस तरह के नम्बर पहुंचाए जाने की आवश्यकता है क्योंकि जब तक कोई भी मामला रिपोर्ट ही नहीं होगा तो उस पर कार्यवाही सम्भव नहीं है।
इस अवसर पर गायत्री सेवा संस्थान के संयुक्त निदेशक शेलेन्द्र पण्डया ने जानकारी देते हुए बताया कि चाईल्ड हेल्प लाईन डिस्प्लेे बोर्ड का जनजाति क्षेत्र में प्रचार प्रसार करते हुए चाईल्ड लाईन का निःशुल्क नम्बर 1098 हर बच्चे को बताया जायेगा । जहंा वो कभी भी 24×7 कॉॅल कर अपनी समस्या बता सकता है । पूरे दिन चली कार्यशाला में बाल कल्याण समिति एवं किशोर न्याय बोर्ड के सुदृढीकरण पर विशेषज्ञों द्वारा जानकारी दी गई जिसमें किशोर न्याय अधिनियम एवं लेंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम के प्रावधान मुख्य रहे।
कार्यशाला में पूरे संभाग के बाल कल्याण समिति के सदस्य, किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य, बाल अधिकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग एवं पुलिस विभाग के प्रतिनिधि मौजुद रहे। कार्यक्रम का संचालन सहायक निदेशक बाल अधिकारिता विभाग उदयपुर गिरीश भटनागर द्वारा किया गया।
