गाय-भैंस चराने में गुजरा बचपन, जीवन के एक फैसले ने ऐसे बना दिया IPS अफसर
Udaipur Times, Success Story of IPS Pratap Gopendra : कहते है की मेहनत करने वालों की कभी भी हार नहीं होती है जो मेहनत करना जानते है वो एक न एक दिन सफल जरूर होते है आज हम आपको मेहनत से भरी एक ऐसे शख्स की कहानी बताने जा रहे है, जिसका बचपन तो गाय-भैंस चराने में गुजर गया। लेकिन उनके एक फैसले ने उनकी जिंदगी बदल दी, आ हम बात कर रहे है प्रताप गोपेंद्र की।
प्रताप गोपेंद्र ने खुद अपनी किस्मत खुद बदलने का फैसला लिया और बड़ा फैसला लेते हुआ कहा की नौकरी होगी तभी घर वापस जाऊंगा। फिर प्रताप गोपेंद्र की जिंदगी में एक दिन ऐसा आया की वे IPS बन गए। Success Story
UPSC तक का सफर
IPS प्रताप गोपेंद्र ने बताया की उन्हे संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ा। प्रताप गोपेंद्र ने 8वीं तक बोरी पर बैठकर पढ़ाई की। Success Story
सिविल सेवा की राह
प्रताप गोपेंद्र के पिताजी डिसपेंशरी चलाते थे। इंटरमीडिएट के बाद उन्होंने वाराणसी के BSC की पढ़ाई की। ग्रेजुएशन के बाद उन्होंने UPSC की। 2005 में इलाहाबाद आकर पढ़ाई शुरू की। Success Story
औकात से बाहर था UPSC
प्रताप गोपेंद्र बताते हैं कि कोचिंग करने के लिए फीस बड़ी चुनौती थी। एक शिक्षक की सराहना से उन्हे भरोसा मिला कि वे UPSC पास कर सकते हैं। Success Story
IPS बन पेश की मिसाल
प्रताप गोपेंद्र ने 2008 में पहली बार UPSC प्री और मेंस पास किया, लेकिन इंटरव्यू में चयन नहीं हुआ। अंतिम प्रयास में UPSC की परीक्षा पास कर IPS बने। वह 2012 बैच/कैडर, उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी हैं। Success Story
अभी उनकी पोस्टिंग पुलिस उप-महानिरीक्षक (DIG) के तौर पर है।
