2 वर्ष की उम्र से ही धमनियों में जमने लगता है कोलेस्ट्रोल
जीबीएच अमेरीकन हॉस्पीटल के कार्डियोलोजिस्ट डॅा. अमित खण्डेलवाल ने बताया कि यदि हमें ह्दय रोग से बचना है तो प्रतिदिन अधिकतम 6 ग्राम नमक का ही सेवन करना चाहिए। कोलेस्ट्रोल मात्र 2 वर्ष की उम्र से ही बच्चे के ह्दय की धमनियों में जमने लगता है और 70 प्रतिशत कोलेस्ट्रोल जम जाने के बाद वह हार्ट अटैक के रूप में सामने आता है।
जीबीएच अमेरीकन हॉस्पीटल के कार्डियोलोजिस्ट डॅा. अमित खण्डेलवाल ने बताया कि यदि हमें ह्दय रोग से बचना है तो प्रतिदिन अधिकतम 6 ग्राम नमक का ही सेवन करना चाहिए। कोलेस्ट्रोल मात्र 2 वर्ष की उम्र से ही बच्चे के ह्दय की धमनियों में जमने लगता है और 70 प्रतिशत कोलेस्ट्रोल जम जाने के बाद वह हार्ट अटैक के रूप में सामने आता है।
वे आज वरिष्ठ नागरिक संस्थान महाराणा प्रताप द्वारा अशोकनगर स्थित विज्ञान समिति में ह्दय रोग विषय पर आयोजित वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होनें बताया कि खराब खान-पान के धमनियों में कोलेस्ट्रोल जमने की प्रक्रिया मे तीव्रता आने लगी है और यही कारण है कि अब 22 वर्ष के युवा को भी हार्ट अटैक का सामना करना पड़ता है।
धमनियों में खून के थक्के को गलाने वाली दवाओं का असर अब तक 64 प्रतिशत तक दिखाई देने लगा है। एक बार अटैक आने बाद दूसर बार अटैक आने की संभावना अन्य देशों की तलना में भारत में 3 गुना अधिक बढ़ जाती है।
उन्होनें बताया कि देश में प्रतिवर्ष में 12 मिलीयन लोग सिर्फ हार्ट अटैक से मरते है जो अन्य देशों की तुलना में बहुत अधिक है। प्रतिदिन अधिकाधिक फ्रूट व सब्जियों का सेवन करना चाहिए। प्रतिदिन सरसों या मुंगफली के तेल का सेवन करने के बजाय सोयाबिन तेल का सेवन करें जो सरसों या मुंगफली के तेल की तलना में काफी लाभदायक रहता है।
गर्म तेल का उपयोग एक ही बार करना चाहिए दूसरी बार उसका उपयोग करने के बाद वह ह्दय के लिए काफी नुकसानदायक हो जाता है।
प्रारम्भ में संस्थान के महासचिव भंवर सेठ ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि ह्दय रोग से बचने के लिए समय-समय पर ह्दय की जांचे कराते रहना चाहिए ताकि समय पूर्व ही बीमारी से बचा जा सके। उन्होनें बताया कि आगामी 8 मार्च को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा।
इस अवसर पर फतहलाल नागौरी, हीरालाल कटारिया, प्रो. बी.पी. भटनागर सहित अनेक सदस्य उपस्थित थे। इससे पूर्व कुसुम त्रिपाठी ने ईश वंदना प्रस्तुत की।
