घर में कितने AC हैं, उसी हिसाब से चुनें सोलर सिस्टम ! जाने कितने किलोवाट रहेगा फायदेमंद ?
Udaipur Times, Solar System Load Calculation : गर्मियों में तेज गर्मी के साथ बिजली का बिल भी लोगों की सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में लोग बिजली का खर्च कम करने के लिए घरों में सोलर पैनल लगवा रहे हैं। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही होता है कि अगर घर में 1, 2 या 3 एयर कंडीशनर (AC) हैं, तो कितने kW का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए?
अगर आप भी AC का बिजली बिल लगभग खत्म करना चाहते हैं, तो पहले यह समझना जरूरी है कि आपके AC की बिजली खपत कितनी है और उसके हिसाब से किस क्षमता का सोलर सिस्टम सही रहेगा।
1 AC के लिए कितना kW का सोलर सिस्टम चाहिए?
अगर आपके घर में 1 या 1.5 टन का एक इनवर्टर AC है, तो 3 से 4 kW का सोलर सिस्टम पर्याप्त माना जाता है। दरअसल, 1.5 टन का इनवर्टर AC आमतौर पर 1200 से 1500 वॉट तक बिजली की खपत करता है। इसके साथ घर के अन्य उपकरण जैसे पंखा, लाइट, फ्रिज और टीवी भी चलते हैं। इसलिए केवल AC की खपत नहीं, बल्कि पूरे घर का लोड ध्यान में रखकर सोलर सिस्टम का चयन करना चाहिए।
3 kW ऑन-ग्रिड सिस्टम रोजाना करीब 12 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है।
ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड सिस्टम के लिए 4 से 5 kW का सिस्टम बेहतर रहेगा।
2 AC के लिए कितना kW का सोलर सिस्टम चाहिए?
अगर आपके घर में 1.5 टन के दो AC हैं, तो 5 से 7 kW का सोलर सिस्टम लगवाना बेहतर रहेगा। दो AC एक साथ चलने पर लगभग 2500 से 3000 वॉट (2.5 से 3 kW) बिजली की खपत होती है। घर के बाकी उपकरण जोड़ने पर कुल लोड 4 से 4.5 kW तक पहुंच सकता है।
5 kW ऑन-ग्रिड सिस्टम रोजाना लगभग 20 से 22 यूनिट बिजली पैदा कर सकता है।
ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड सिस्टम के लिए 7 से 8 kW का सिस्टम उपयुक्त रहेगा।
3 AC के लिए कितना kW का सोलर सिस्टम चाहिए?
अगर घर या ऑफिस में 1.5 टन के तीन AC चलते हैं, तो कम से कम 8 से 10 kW का सोलर सिस्टम लगवाना चाहिए।
तीन AC एक साथ चलने पर लगभग 3800 से 4500 वॉट (3.8 से 4.5 kW) बिजली की खपत होती है। अन्य घरेलू उपकरणों के साथ कुल बिजली की मांग 6 से 7 kW तक पहुंच सकती है।
8 kW सिस्टम रोजाना करीब 32 से 36 यूनिट बिजली पैदा करता है।
10 kW सिस्टम रोजाना 40 से 45 यूनिट तक बिजली बना सकता है, जो तीन AC और अन्य घरेलू उपकरणों की जरूरत पूरी करने के लिए पर्याप्त माना जाता है।
अगर आप ऑफ-ग्रिड या हाइब्रिड सिस्टम लगवाना चाहते हैं, तो 10 kW का सिस्टम बड़े बैटरी बैंक के साथ बेहतर विकल्प होगा।
सोलर सिस्टम चुनते समय इन बातों का रखें ध्यान
AC की स्टार रेटिंग और इनवर्टर तकनीक बिजली की खपत को प्रभावित करती है।
आपके क्षेत्र में मिलने वाली धूप के अनुसार सोलर उत्पादन कम या ज्यादा हो सकता है।
भविष्य में बिजली की जरूरत बढ़ने की संभावना हो तो थोड़ा अधिक क्षमता वाला सिस्टम चुनना बेहतर रहता है।
ऑन-ग्रिड सिस्टम में नेट मीटरिंग की सुविधा मिलने पर बिजली बिल में और अधिक बचत हो सकती है।
