ईसाई समुदाय ने मनाया "आल सोल्स डे"
आज ईसाई समुदाय ने आज “आल सोल्स डे” मनाया जिसमें लोगों ने चर्चों में प्रार्थना में भाग लिया , पूर्वजों की स्मृति में मोमबत्तियाँ जलाई। आज उदयपुर सहित दुनिया भर के ईसाई समुदाय के लोगों ने आत्माओं के दिवस “आल सोल्स डे” के अंतर्गत प्रार्थना सभा में हिस्सा ले कर पूर्वजो के लिए दुआ मांगी […]

आज ईसाई समुदाय ने आज “आल सोल्स डे” मनाया जिसमें लोगों ने चर्चों में प्रार्थना में भाग लिया , पूर्वजों की स्मृति में मोमबत्तियाँ जलाई।
आज उदयपुर सहित दुनिया भर के ईसाई समुदाय के लोगों ने आत्माओं के दिवस “आल सोल्स डे” के अंतर्गत प्रार्थना सभा में हिस्सा ले कर पूर्वजो के लिए दुआ मांगी और साथ ही अपने परिजनों की कब्र पर मोमबत्ती लगाकर उन्हें याद किया।
एंड्रयूज विश्वविद्यालय की पीएच.डी धारक सैमुएल बच्चीओच्ची के अनुसार मानव इतिहास में मृत्यु नए जीवन के लिए ही है। कब्र के पत्थर पर शिलालेख में अक्सर पढ़ते हैं कि “शांति में आराम”, इस की सच्चाई यह है कि ज्यादातर लोगों को कब्र में शांतिपूर्ण आराम नहीं है परन्तु म्रत्यु के बाद नए जीवन में ही असली आराम है।