राजस्थान के शहरों को मिलेगी नई उड़ान ! ₹15,800 करोड़ की लागत से होंगे ये विकास कार्य

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राजस्थान के शहरों को मिलेगी नई उड़ान ! ₹15,800 करोड़ की लागत से होंगे ये विकास कार्य 

Udaipur Times, Rajasthan News, जयपुर : प्रदेश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण के अनुरूप नागरिक सुविधाओं का विस्तार अब नई गति से होगा। केंद्र सरकार द्वारा गठित अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के माध्यम से राजस्थान के शहरी स्थानीय निकायों में आगामी पाँच वर्षों में लगभग ₹15,800 करोड़ की लागत से सड़क, सीवरेज, ड्रेनेज, ठोस कचरा प्रबंधन, स्ट्रीट लाइट, सौंदर्यीकरण एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं का समावेशी विकास किया जाएगा।

 रविवार को कॉन्स्टीट्यूशन क्लब, जयपुर में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वायत्त शासन एवं नगरीय विकास मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण के कारण आधारभूत सुविधाओं की मांग निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शहरी अवसंरचना का विकास चार गुना गति से करना राज्य सरकार की प्राथमिकता है।

 उन्होंने कहा कि अर्बन चैलेंज फंड (यूसीएफ) के तहत हुडको के सहयोग से परियोजनाओं का निर्माण, विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (डीपीआर) तैयार कर समयबद्ध तरीके से विकास कार्यों का क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने में यूसीएफ महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

 डीएलबी और हुडको के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर—

 कार्यक्रम में स्वायत्त शासन विभाग (डीएलबी) एवं हुडको के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इसके तहत शहरी स्थानीय निकायों के लिए परियोजना निर्माण, डीपीआर तैयार करने तथा वित्तीय संसाधनों के बेहतर उपयोग में तकनीकी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

 एमओयू का आदान-प्रदान हुडको के क्षेत्रीय प्रमुख श्री सुधीर भटनागर तथा स्वायत्त शासन विभाग के निदेशक श्री प्रतीक चंद्रशेखर जुईकर ने किया।

 छोटे शहरों को भी मिलेगा विकास का लाभ—

 यूसीएफ की विशेषता यह है कि इसके माध्यम से टियर-2 एवं टियर-3 शहरों में भी आधुनिक शहरी आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा। इस अवसर पर प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारियों के लिए प्रोजेक्ट फॉर्मेशन एवं डीपीआर निर्माण विषय पर कार्यशाला का आयोजन भी किया गया।

 देशभर में ₹4 लाख करोड़ की आधारभूत परियोजनाओं को मिलेगा बढ़ावा—

 केंद्र सरकार द्वारा स्थापित अर्बन चैलेंज फंड एक प्रतिस्पर्धी वित्तपोषण व्यवस्था है, जिसमें परियोजनाओं की गुणवत्ता, नवाचार, समावेशिता एवं बैंकेबिलिटी के आधार पर वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।

 भारत सरकार ने इस योजना के लिए ₹1 लाख करोड़ की व्यवस्था की है, जो कुल परियोजना लागत का 25 प्रतिशत होगा। शेष राशि में 25 प्रतिशत राज्य सरकार एवं स्थानीय निकायों तथा 50 प्रतिशत वित्तीय संस्थानों/हुडको के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी।

 राजस्थान में यूसीएफ के तहत लगभग ₹15,800 करोड़ की परियोजनाएं प्रस्तावित हैं, जिनमें केंद्र सरकार लगभग ₹3,950 करोड़ का योगदान देगी।

 व्यावहारिक एवं बैंकेबल परियोजनाओं पर रहेगा विशेष जोर—

 स्वायत्त शासन विभाग के सचिव श्री रवि जैन ने अधिकारियों से समावेशी, व्यावहारिक एवं बैंकेबल परियोजनाओं की पहचान कर गुणवत्तापूर्ण डीपीआर तैयार करने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक परियोजनाओं को स्वीकृति मिल सके और नगर निकाय आर्थिक रूप से अधिक सशक्त बन सकें।

 डिजिटल मॉनिटरिंग से होगी परियोजनाओं की निगरानी—

 डीएलबी के मुख्य अभियंता श्री अरुण व्यास ने बताया कि यूसीएफ के अंतर्गत स्वीकृत परियोजनाओं की निगरानी इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से डिजिटल रूप से की जाएगी।

 कार्यक्रम को हुडको के सीएमडी श्री संजय कुलश्रेष्ठ ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर डीएलबी के वरिष्ठ अधिकारियों सहित प्रदेश के सभी शहरी स्थानीय निकायों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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