क्लासिकल सिंगर से IAS बनीं पल्लवी मिश्रा, बिना कोचिंग के क्रैक की UPSC की परीक्षा

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क्लासिकल सिंगर से IAS बनीं पल्लवी मिश्रा, बिना कोचिंग के क्रैक की UPSC की परीक्षा

Udaipur Times, IAS Pallavi Mishra : क्लासिकल सिंगर के जुनून से सिविल सेवा में अपनी पहचान बनाने वाली पल्लवी मिश्रा की कहानी भोपाल से शुरू होती है। एक होनहार हारमोनियम वादक होने के साथ-साथ उन्होंने बिना किसी कोचिंग के UPSC की तैयारी शुरू की। पूरी तरह से सेल्फ-स्टडी के साथ आगे बढ़ीं और यूपीएससी 2022 में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 73 हासिल कर IAS बनीं। उनकी सक्सेस स्टोरी धैर्य, अनुशासन और कड़ी मेहनत का उदाहरण है। पल्लवी का कहना है कि सही दिशा में आगे बढ़ने से इंसान अपने लक्ष्य को पा सकता है।

अपने जीवन के उद्देश्यों पर विचार किया और सिविल सर्विस की राह चुनी

पल्लवी मिश्रा मध्य प्रदेश के भोपाल की रहने वाली हैं। उनकी मां ने उनमें हारमोनियम और क्लासिकल म्यूजिक के प्रति रुचि जगाई। इसके बाद क्लासिकल म्यूजिक और सिंगर बनना उनके जीवन का हिस्सा हो गया। पल्लवी प्रोफेशनल क्लासिकल सिंगर हैं और उन्होंने शास्त्रीय संगीत में ट्रेनिंग ली है। उन्होंने संगीत में मास्टर्स की डिग्री भी की है। कानून की पढ़ाई के बाद वह काॅर्पोरेट लाॅयर के रूप में करियर बनाना चाहती थीं। हालांकि, कोविड-19 के दौरान समय मिलने पर उन्होंने अपने जीवन के उद्देश्यों पर विचार किया और सिविल सर्विस की राह चुनी।

क्लासिकल सिंगर से IAS बनीं पल्लवी मिश्रा

वह बताती हैं कि उन्होंने USPC की तैयारी के लिए किसी भी कोचिंग का सहारा नहीं लिया और सेल्फ स्टडी से आगे बढ़ीं। उनके भाई एक IPS अधिकारी हैं और उन्होंने उनकी मदद की, मेंटर और मार्गदर्शक की भूमिका निभाई। उन्होंने परीक्षा की तैयारी के लिए जरूरी किताबें, टेस्ट सीरीज और आंसर राइटिंग को खुद से एनालिसिस किया। सीमित संसाधनों के बीच उन्होंने घर बैठे सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी को पूरा किया।

UPSC प्री और मेन्स की तैयारी, 10-12 हजार MCQs साॅल्व किए

अपनी तैयारी के दौरान उन्होंने यूपीएससी प्रीलिम्स के लिए लगभग 10 से 12 हजार बहुविकल्पीय प्रश्नों (MCQs) को हल किया, जिससे वे परीक्षा पैटर्न और काॅन्सेप्ट्स समझ सकें। मेन्स के लिए उनका ध्यान सिलेबस पर था और उन्होंने आंसर राइटिंग की प्रैक्टिस बहुत अच्छे से की। रोज माॅक टेस्ट दिए और अपनी गलतियों पर काम किया। टाॅपर्स की आंसर शीट्स का एनालिसिस करती थीं और अपने आंसर को बहुत अच्छे से लिखने की कोशिश करती थीं।

तैयारी के दौरान आईं मुश्किलों में खुद को ऐसे संभाला

वह बताती हैं कि सिविल सेवा की तैयारी के दौरान सबसे बड़ी चुनौती शारीरिक और मानसिक दबाव था। मेन्स परीक्षा से कुछ समय पहले ही उनकी पीठ में गंभीर चोट लग गई थी, जिससे उनके लिए घंटों लिखना मुश्किल हो गया था। इसके अलावा एंकात में रहकर पढ़ाई करना और अनिश्चितता का सामना करना भावनात्मक रूप से कठिन था। उन्होंने इन चुनौतियों को एक जाॅब की तरह लिया और एक्सरसाइज, संगीत और परिवार के साथ समय बिताकर खुद को संभाला।

क्लासिकल सिंगर से IAS बनीं पल्लवी मिश्रा

UPSC के दूसरे प्रयास में AIR-73 लाकर IAS बनीं पल्लवी

पहले प्रयास में असफलता के बाद पल्लवी ने दूसरे प्रयास के लिए तैयारी और मजबूत कर दी थी। 2022 में UPSC के अपने दूसरे प्रयास में उन्होंने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 73 लाकर अपने IAS बनने के सपने को साकार किया। उनकी सफलता की कहानी अनुशासन और कड़ी मेहनत का उदाहरण है। बिना कोचिंग अधिकारी बनने के बाद वह कहती हैं कि असफलता या निराशा इस प्रक्रिया का हिस्सा, जिसे स्वीकार करना जरूरी है। अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ने से कोई भी लक्ष्य पा सकता है।

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