क्लाइमेट चेंज एवं ग्लोबल वार्मिंग से जीव-जगत एवं मानव जाति को बचाना होगा
उदयपुर,27 जुलाई 2019 प्राकृतिक आपदाओं के परिणाम स्वरुप पिछले वर्ष विश्वस्तर पर पांच करोड़ लोग विस्थापित हुए है। वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता क्लाइमेट चेंज एवं ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो रही अनावृष्टि, अतिवृष्टि व बढ़ते तापक्रम से जीव-जगत एवं मानव जाति को बचाना होगा।

उदयपुर,27 जुलाई 2019 प्राकृतिक आपदाओं के परिणाम स्वरुप पिछले वर्ष विश्वस्तर पर पांच करोड़ लोग विस्थापित हुए है। वर्तमान समय की बड़ी आवश्यकता क्लाइमेट चेंज एवं ग्लोबल वार्मिंग की वजह से हो रही अनावृष्टि, अतिवृष्टि व बढ़ते तापक्रम से जीव-जगत एवं मानव जाति को बचाना होगा।
उक्त विचार प्रकृति मानव केंद्रित जन आंदोलन के राष्ट्रिय उपाध्यक्ष एडवोकेट मन्नाराम डांगी ने प्रकृति मानव केंन्द्र उदयपुर द्वारा गाँधी मानव कल्याण सोसायटी के सभागार में आयोजित सेमीनार में व्यक्त किये। डांगी ने कहा कि आज विश्व स्तर पर आतंकवाद एक मुद्दा है जिस पर सभी सरकारे चिंतित है। वर्तमान में मानव जाति के सामने क्लाइमेट चेंज एवं ग्लोबल वार्मिंग भी एक बड़ी चुनौती है जिस पर सरकारों को विश्वस्तर पर बहुत कुछ करने की जरूरत है। इस समस्या पर वैज्ञानिक चिंताए बड़ी भयावह है विश्व को इस पर तुरंत गौर करने की आवश्यकता है।
प्रोफ आर आर सिंह ने कहा ग्लोबल वार्मिंग की समस्या के प्रत्येक पहलू पर जन चेतना जगाने की जरुरत है। सामजिक कार्यकर्ता गहरी लाल जोशी व मोहन लाल शर्मा ने कहा कि विश्व व्यवस्था की गड़बड़ियों एवं नागरिक चेतना की कमी से वर्तमान हालत विकट हो रहे है। मुश्ताक़ चंचल ने कहा कि प्रकृति के साथ हुए खिलवाड़ का नतीजा मानव जाति व जीव जगत भुगत रहा है जिसे ठीक करने की महती जरुरत है।
उदयपुर चेप्टर के अध्यक्ष अनिरुद्ध तेलंग ने बताया कि लोक जाग्रति हेतु उदयपुर शहर में माह में एक बार जन चेतना रैली का आयोजन मोहल्ला स्तर पर किया जायेगा जिससे आम लोग जुड़ सके व प्रकृति संरक्षण हेतु आगे आ सके साथ ही क्लाइमेट चेंज का मुद्दा आम जनता का मुद्दा बन सके I
गाँधी मानव कल्याण सोसायटी के मुख्य संचालक मदन नागदा एवं निदेशक नंद किशोर शर्मा ने कहा कि ऑर्गेनिक खेती एक ऐसा माध्यम है जो लोगो के स्वास्थ्य व आजीविका को बेहतर बनाते हुए पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर सकता है। सेमीनार की अध्यक्षता इंजी.अब्दुल अज़ीज़ ने की। सेमीनार में बलवंत सिंह राठोड, इक़बाल हुसैन इक़बाल, सोहन लाल, जयपाल सिंह, मोहन जॉन, खेता राम, भंवर लाल बारबर सहित नाथद्धारा, राजसमंद, कुराबड़ क्षेत्र के पर्यावरण चिंतको ने भाग लिया।
