सेवा मंदिर के स्वर्ण जयंती महोत्सव का रंगारंग आगाज
आदिवासियों के विकास, महिला स्वावलम्बन, ग्राम स्वशासन और बाल विकास जैसे कई मुद्दों पर कार्य कर रही सेवा मंदिर संस्था के स्वर्ण जयंती महोत्सव का आगाज
आदिवासियों के विकास, महिला स्वावलम्बन, ग्राम स्वशासन और बाल विकास जैसे कई मुद्दों पर कार्य कर रही सेवा मंदिर संस्था के स्वर्ण जयंती महोत्सव का आगाज शनिवार को विद्या भवन स्कूल ग्राउण्ड मे हुआ। सेवा मंदिर द्वारा स्वर्ण जयंती महोत्सव को दो दिवसीय आपणो मेलो उत्सव के रूप मे मनाया जा रहा है। मेले का आगाज शनिवार को आदिवासी एवं ग्रामीणों द्वारा गवरी, गैंर नृत्य एवं लोक गीतो की प्रस्तुतियों के साथ हुआ। सभी आदिवासी दल अपने पारंपरिक वेशभुषा मे गाते – नाचते और वाद्य यंत्रों को बजाते हुए मेले मे पहुंचे।
सेवा मंदिर संस्था के अध्यक्ष अजय सिंह मेहता ने बताया कि आपणो मेले मे सेवा मंदिर एवं सहयोगी संस्थानों की 33 स्टॉल्स पर ग्रामीणों द्वारा बनाये गये उत्पादों को प्रदर्शित किया। मेले का औपचारिक उद्घाटन दोपहर को सांसद अजुर्नलाल मीणा द्वारा किया गया। उद्घाटन से पूर्व सांसद ने करीब 1 घण्टा पूरें मेले का अवलोकन किया। इस दौरान सेवा मंदिर की मुख्य संचालक प्रियंका सिंह, महासचिव शेलेन्द्र तिवारी सहित कई पदाधिकारी साथ रहे।
पहले ही दिन रही रौनक
दो दिवसीय मेले के पहले ही दिन हजारों ग्रामीणों एवं आदिवासी लोगो की खासी संख्या रही। मेले की हर स्टॉल्स पर लगे उत्पादों को देखने के लिए भी लोगो का तांता लगा रहा। आदिवासी इलाके कोटडा, झाडोल, खेरवाड़ा, सलूम्बर, सराडा, सेमारी सहित उदयपुर जिले के आदिवासी अचलों मे सेवा मंदिर के साथ जुड कर काम कर रहे आदिवासियों एवं अन्य सहयोंगी संस्थानों ने भी अपने उत्पादों को यहां प्रदर्शित किया। इसके साथ ही नवाचारों के बारे मे भी जानकारीयां जुटाई।
गांवों मे विकास के सपने पूरे कर रहा सेवा मंदिर
उद्घाटन समारोंह के मुख्य अतिथि उदयपुर सांसद अर्जुनलाल मीणा ने कहा कि किसी भी आदिवासी क्षैत्र की तरक्की के लिए सबसे जरूरी चीज है शिक्षा और सेवा मंदिर ने आदिवासी बाहुल्य इलाकों मे जो शिक्षा की अलख जगाई है उसे पूरी दूनिया जानती है। हमे तो पहली बार लालटेन भी सेवा मंदिर ने दिखाई थी उससे पहले तो चिमनी हुआ करती थी। उन्होने कहा कि आज कल बहुत सारी संस्थाएं सेवा कार्य कर रही है और अच्छा काम भी कर रही है लेकिन सेवा मंदिर ने उस जमाने मे सेवा कार्य शुरू किये जब कोई संस्था इस क्षैत्र मे ही नही थी। गांवों मे विकास के सपनों को पुरा करने के लिए हर गांव मे सेवा मंदिर के वोलीयंटर्स जैसे लोगो का होना बहुत जरूरी है। अगले 50 साल सेवा करने की ऊर्जा मिली है आपणों मेलों से
सेवा मंदिर की मुख्य संचालिका प्रियंका सिंह ने कहा कि सेवा मंदिर ने जब शिक्षा को आदिवासी क्षैत्रों मे शुरू किया तो सेवा मंदिर के सभी सदस्यों ने लोगो को पढ़ाना अपना धर्म समझा और आगे भी सेवा मंदिर के सभी कार्यो को अपना धर्म मानते हुए निभाया। उन्होने कहा कि आज 20 सालों के बाद आयोजित हुए आपणों मोलों मे आदिवासी लोगो के उत्साह से इतनी उर्जा मिली है कि इस उर्जा से तो आने वाले 50 सालों तक सेवा मंदिर अनवरत सेवा कार्य करता रहेगा और नई सफलताओं को हांसिल करेगा। मेले मे गुंजी वाद्य यंत्रों की ध्वनि
मेले के पहले दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों के तहत सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक रंगारंग कार्यक्रम हुए। आदिवासी क्षैत्रों से अपनी पारंपरिक वेशभुषा मे आये आदिवासियों ने गवरी, गैंर नृत्य, भपंग आदि की प्रस्तुतियों दी जिससे मेले का आनंद दुगना हो उठा। एक तरफ जहां लोग स्टॉल्स का अवलोकन कर रहे थे तो दूसरी तरफ पूरे मेले मे भपंग, चंग, ढोल-नगाडा और अन्य वाद्य यंन्त्रों की ध्वनि गुंज रही थी। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने के लिए भी कार्यक्रम स्थल पर हजारों की संख्या मे आदिवासी पुरूष, महिलाएं, युवक और युवतियां उपस्थित रहे।
स्टॉल्स पर यह रहा खास
मेले मे लगी स्टॉल्स पर सेवा मंदिर के सहयोग से देलवाडा मे किय गये बावडियों के पुनर्रूथान का चित्रण, कुम्भलगढ के वनों मे उत्पादीत होने वाले फलों, सब्जीयों और अन्य वनोपज को मुख्य बाजार तक लाने के लिए किये गये प्रयासों को प्रदर्शित किया गया। इसके साथ ही विद्या भवन पॉलोटेक्रीक द्वारा अपनी स्टॉल पर मुगफली छिलने की मशीन, सिचाई नालियां, मिटृी के बर्तन बनाने के लिए इलेक्ट्रीक चॉक, कोटडा के आदिवासीयों द्वारा बनाई जा रहे ढ़ोल, बांस की डलियाँ, हथियार- औजार, पीओपी की मूर्तियाँ भी आकर्षण का केन्द्र रही।
गृहमंत्री कटारिया के मुख्य आतिथ्य मे होगा समापन
संस्था के महासचिव शेलेन्द्र तिवारी ने बताया कि आपणो मेलो के दूसरे दिन समापन अवसर पर गृहमंत्री गुलाबचन्द कटारिया के मुख्य आतिथ्य मे मेले की तीन स्टॉल को लक्की ड्रा के माध्यम से पुरस्कृत किया जायेगा। समापन से पूर्व सुबह 6:30 बजे दो अलग- अलग स्थानों से प्रभात फेरी निकाली जाएगी। जिसमे पहली प्रभात फेरी विद्या भवन से रवाना होकर पुन: विद्या भवन पहुचेंगी वहीं दूसरी प्रभात फेरी टाऊन हॉल से रवाना होकर विद्या भवन पहुचेंगी। प्रभात फेरी के दौरान मुख्य रूप से नृत्य, गवरी, गैर, नाट्य मंचन की प्रस्तुति दी जाएगी साथ ही स्लोगन के माध्यम से शिक्षा, चिकित्सा, स्वास्थ्य, महिला स्वावलंबन जागरूकता फैलाई जाएगी।
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