अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों व अन्य हानि पर मुआवजा शीघ्र – कलक्टर
अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों व अन्य हानि की जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश कर सरकार द्वारा राहत प्रदान की जायेगी। यह विचार बुधवार को रेवेन्यू बैठक में जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने रखे।
अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त मकानों व अन्य हानि की जल्द से जल्द रिपोर्ट पेश कर सरकार द्वारा राहत प्रदान की जायेगी। यह विचार बुधवार को रेवेन्यू बैठक में जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने रखे।
उन्होंने कहा कि सरकार राहत कार्यो के प्रति संवेदनशील व अत्यंत गंभीर है। उन्होंने सभी तहसीलदारों व पटवारियों को नुकसान व खराबे की रिपोर्ट अतिशीघ्र भिजवाने के निर्देश दिये। एडीएम (प्रशासन) छोगाराम देवासी ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में यदि किसी भी गरीब परिवार का मकान टूटा या क्षतिग्रस्त हुआ हो तो तहसीलदार उसकी फोटोग्राफी करायें। अनुसूचित जनजाति व जनजाति, बीपीएल श्रेणी अनुसार सही आंकड़े इकट्ठे करके जन-धन हानि व पशु हानि की सूचना भिजवाई जाये।
उन्होंने कहा कि डूबने से मृत व्यक्तियों की भी सही रिपोर्ट समय पर तैयार कर ली जाये। यदि डेड बॉडी रिकवर नहीं हो पाई है तो भी जरूरी सूचना समय पर भिजवाई जाए ताकि राहत कार्यों में देरी न हो। श्री देवासी ने सभी विभागों को मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जो भी भूमि आवंटन होने हैं उनके प्रस्ताव शीघ्र भिजवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि उदयपुर जिले में मल्टी एक्टीविटी पार्क एवं बॉयोटेक्नॉलोजी पार्क बनाने जाने के प्रस्ताव सरकार द्वारा रखे गये हैं। ऐसे में भूमि की आवश्यकता है एवं सभी तहसीलदार अपने-अपने क्षेत्रों में खाली पड़ी भूमि से अवगत कराएॅ ताकि कार्य प्रारंभ किया जा सके। इसी प्रकार किसानों के लिए टेऊनिंग इंस्टीट्यूट बनाये जाने का भी प्रस्ताव है।
यूआईटी सचिव श्री रामनिवास मेहता ने बताया कि सभी तहसीलदार व एसडीएम अपने क्षेत्रों में अस्पताल, स्कूल, श्मशान आदि के लिए भूमि का चयन कर यूआईटी को सूचित करें ताकि उस भूमि का अन्यत्र इस्तेमाल न हो। जिला कलक्टर ने कहा कि उदयपुर जिले में पुराने आवंटन रद्द कर नये दिये जाने की आवश्यकता है ताकि सरकार द्वारा प्रस्तावित नये प्रोजेक्ट्स पर कार्य शुरू किया जा सके।
जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने कहा कि तहसीलदार शीघ्र विवादित भूमि (जिन पर न्यायालय का स्टे नहीं हो) यूआईटी को स्थानांतरित कर दें। उन्होंने सभी तहसीलदारों को अपने स्तर पर अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिये। उन्होंने सभी उपखण्ड अधिकारियों को अतिवृष्टि प्रभावितों को राहत शीघ्र प्रदान किये जाने के निर्देश देते हुए कहा कि आर्थिक राहत सही ढंग से वितरित की जाये ताकि किसानों व गरीब परिवारों को हुए नुकसान की भरपाई हो सके।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा स्वीकृत कार्यों का सत्यापन प्रभावी ढंग से किया जाये। उन्होंने नजूल सम्पत्तियों के निस्तारण की बात कही और कहा कि जहां बिल्डिंग्स क्षत विक्षत हो तो उनके पुननिर्माण के भी प्रस्ताव बनाकर भेजंे ताकि उनका सार्वजनिक क्षेत्रों में उपयोग हो सके।
उन्होंने कहा कि कोटड़ा तहसीलदार वन उपज मंडी के लिए जमीन उपलबध करायंे। उन्होंने कहा कि सभी उपखण्ड अधिकारी अपने क्षेत्रों का दौरा कर अस्पतालों की साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दंे। उन्होंने कहा कि सभी उपखण्ड अधिकारी अपनी रूचि अनुसार विभागों का चयन कर उन सभी विभागों में सुधार व प्रगति पर स्वयं ध्यान दें तथा महीने में एक बार ब्लॉक लेवल मीटिंग में जरूर उपस्थित हो प्रगति की जानकारी लें। श्री देवासी ने कहा कि जो भी पटवारी या अन्य कर्मचारी निलम्बित हों एवं उनके खिलाफ गंभीर मामले न हो उनकी रिपोर्ट समय पर भिजवा दी जाये। बैठक में एडीएम (सिटी) ओ.पी.बुनकर, सभी उपखण्ड अधिकार एवं तहसीलदार मौजूद रहे।
