सरकारी स्कूल से पढ़ाई पूरी की, मैथ में हासिल हुआ गोल्ड मेडल, पहले ही प्रयास में UPSC क्रैक कर बनीं IPS अफसर
Udaipur Times, IPS Ritu Khokhar : UPSC परीक्षा को देश की सबसे मुश्किल परीक्षाओं में से एक माना जाता है। इसे पास करने से IAS और IPS जैसे प्रतिष्ठित पदों पर काम करने का मौका मिलता है। जहां कुछ उम्मीदवार पहले ही प्रयास में सफल हो जाते हैं, वहीं दूसरों को कई साल लग सकते हैं। आज हम आपको एक ऐसी IPS अधिकारी से मिलवा रहे हैं जिन्होंने सरकारी स्कूल से अपनी पढ़ाई शुरू की, लेकिन UPSC परीक्षा में पहले ही प्रयास में शानदार सफलता हासिल की।
ये हैं IPS रितु खोखर, जो अभी महाराष्ट्र के धाराशिव जिले में पुलिस अधीक्षक (SP) के पद पर तैनात हैं। उन्हें सबसे ऊर्जावान और कुशल अधिकारियों में गिना जाता है। आइए, गाँव के सरकारी स्कूल की एक लड़की के उस सफर के बारे में जानते हैं जिसने पहली बार में ही UPSC परीक्षा पास करके IPS अधिकारी बनने का सपना पूरा किया।

IPS रितु खोखर कौन हैं?
IPS रितु खोखर का जन्म 23 अक्टूबर 1994 को हरियाणा के पानीपत जिले के भादर गांव में हुआ था। उनके पिता तारा चंद किसान हैं और माँ सुनीता देवी हैं। रितु ने 10वीं तक की पढ़ाई अपने गांव के सरकारी स्कूल से की और फिर पानीपत के एक स्कूल से 12वीं की परीक्षा पास की। वह शुरू से ही पढ़ाई में होनहार थीं। 12वीं के बाद, उन्होंने कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया, जहां से 2016 में उन्होंने गणित में गोल्ड मेडल के साथ M.Sc. की डिग्री हासिल की।
M.Sc. के बाद UPSC की तैयारी
M.Sc. पूरी करने के बाद, उन्होंने UPSC परीक्षा की तैयारी शुरू की। IPS अधिकारी बनने की चाहत में, उन्होंने दूसरी सरकारी नौकरियों के लिए प्रतियोगी परीक्षाएं देने के बजाय पूरी तरह से UPSC की तैयारी पर ध्यान देने का फैसला किया। कॉलेज की पढ़ाई के बाद, वह दिल्ली चली गईं और UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए एक कोचिंग संस्थान में दाखिला लिया, जहाँ उन्होंने नौ महीने तक पढ़ाई की।

पहले प्रयास में UPSC में सफलता प्राप्त
उन्होंने 2017 में पहली बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा दी। कड़ी मेहनत और लगन से उन्होंने पहले ही प्रयास में परीक्षा सफलतापूर्वक पास कर ली। उन्होंने 2017 की UPSC परीक्षा में 141वीं रैंक हासिल की और महाराष्ट्र कैडर में IPS अधिकारी बनीं। रितु खोखर उन लोगों के लिए प्रेरणा हैं जो मानते हैं कि सरकारी स्कूलों के छात्र UPSC परीक्षा पास नहीं कर सकते। उनकी कहानी दिखाती है कि अगर किसी में कुछ हासिल करने का पक्का इरादा हो, तो लक्ष्य को पाना मुमकिन है।