अन्तरविद्यालयी देशभक्ति निबन्ध प्रतियोगिता का आयोजन
आज संत टेरेसा स्कूल में सर्व धर्म मैत्री संघ और रोटरी मेवाड़ की ओर से निबंध प्रतियोगिता रखी गयी। रोटरी मेवाड़ और सर्व धर्म मैत्री संघ के अध्यक्ष डॉ अरविन्दर सिंह और संदीप सिंघटवाडि़या ने दीप प्रज्वलित किया और फादर नॉर्बट हरमन ने उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया। रोटरी क्लब सचिव अभय मलारा ने बताया 40 विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में दृष्टि परिहार-द यूनिवर्सल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खुशी चौहान-द स्कोलर एरीना, हिलोरी जैन-सेंट अन्थोनी क्रमशः प्रथम द्वितीय ओर तृतीय स्थान पर रहे। सीनियर
आज संत टेरेसा स्कूल में सर्व धर्म मैत्री संघ और रोटरी मेवाड़ की ओर से निबंध प्रतियोगिता रखी गयी। रोटरी मेवाड़ और सर्व धर्म मैत्री संघ के अध्यक्ष डॉ अरविन्दर सिंह और संदीप सिंघटवाडि़या ने दीप प्रज्वलित किया और फादर नॉर्बट हरमन ने उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया।
रोटरी क्लब सचिव अभय मलारा ने बताया 40 विभिन्न स्कूलों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में दृष्टि परिहार-द यूनिवर्सल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, खुशी चौहान-द स्कोलर एरीना, हिलोरी जैन-सेंट अन्थोनी क्रमशः प्रथम द्वितीय ओर तृतीय स्थान पर रहे। सीनियर वर्ग में अनमोल आचार्य-सीडलिंग स्कूल, रानू रजक-शिशु निकेतन, शैली माहेश्वरी-सेंट अन्थोनी एवं गिरिजा मेघवाल- महिला मंडल क्रमशः प्रथम द्वितीय और तृतीय पर दो विजेता रहे।
बच्चों ने आज की इस प्रतियोगिता में जूनियर वर्ग में बेटी बचाओ, शांति ओर पर्यावरण पर और सीनियर वर्ग में मेवाड़ के वीर, महिला सशक्तिकरण विषय पर बहुत ही सुन्दर लेख लिखे। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ और देश को आगे बढाओ। नारी है यह, नारी है, फूल नहीं,चिंगारी है। कोमल है कमजोर नहीं, शक्ति का नाम नारी हैं। जग को जीवन देने वाली मौत भी तुझसे हारी हैं। नारी सशक्तिकरण हैं महान, एक नारी दस पुत्र समान, कन्या-भ्रूण हत्या होता नारी पर अत्याचार, मानव-दानव बन बैठा हैं, भूल रहा आचार। व्यक्ति के जन्म के पीछे नारी है,एक सफल व्यक्ति के पीछे नारी हैं।
नारी तेरी यहीं कहानी, आँचल में दूध, आँखों में पानी। ये मेवाड़ वीरो की धरा, इन वीरो की वीर कहानी से, कण-कण हैं इसका गिरा हुआ। राणा की शौर्य गाथा, यहाँ का बच्चा-बच्चा गाता हैं। झाला के बलिदान से, गहरा इसका नाता है। पदमिनी की जोहर गाथा, इतिहास हमें सुनाता हैं। देखना चाहते हो हमारी उडानों को, कुछ और ऊँचा कर दो आसमानों को। परिंदों ने उड़ान भरी हैं,पंखों का इम्तिहान अभी बाकी। चंद पहाडि़याँ जीती है। पूरा आसमान अभी बाकी है। तू महाशक्ति है सुंदरता के रूप नगर की रानी, तेरे अंदर छिपी हुई हैं करुण कहानी। जब कभी डगमगाई नैया भवसागर में मानव की, बस तभी कमर कसकर पतवार बन गई नारी।। बच्चों के लेखों में इस तरह के कई संदेश समाज तक पहुंचाने की कोशिश की ।
प्रतियोगिता की इस श्रृंखला में अगली भाषण प्रतियोगिता 8 तारीख को रियान इंटरनेशनल स्कूल में है। अंत में धन्यवाद महिला अध्यक्ष प्रमिला फर्नाडीज मैत्री संघ ने दिया।