संभाग के कलक्टर्स-एसपी की कान्फ्रेंस
मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं, जन सरोकार की योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें - संभागीय आयुक्त
मुख्यमंत्री बजट घोषणाओं, जन सरोकार की योजनाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दें – संभागीय आयुक्त

संभागीय आयुक्त भवानीसिंह देथा ने मुख्यमंत्री की बजट घोषणा, सरकार की प्राथमिकता आधारित योजना/कार्यो को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिये।
श्री देथा गुरुवार को संभागीय आयुक्त कार्यालय सभागार में आयोजित कलक्टर्स-जिला पुलिस अधीक्षकों की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने कलक्टर्स एवं संभाग के सभी विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से उनके क्षेत्र में संचालित कार्यो की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए कहा कि जिन विभागों में कार्य स्वीकृत है वहां तुरन्त निविदाएं कर कार्यो को शुरु करें तथा जहां कार्य चल रहे है उनकी प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए उन्हें तय समय सीमा में पूरा करने की बात कही।
आरोग्य राजस्थान में गंभीर रोगियों को दे विशेष राहत ः-
संभागीय आयुक्त ने सरकार के आरोग्य राजस्थान अभियान के तहत गंभीर बीमारियों के रोगी चिन्हित होने पर उन्हें उपयुक्त चिकित्सा संस्थान में रेफर करने के निर्देश दिए ताकि विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के साथ ही उन्हें आधुनिकतम इलाज सुविधा उपलब्ध हो व उपयुक्त ढंग से इलाज संभव हो सके। उदयपुर जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने ऎसे केसेेज का नियमित फॉलाअप करने की भी बात कही। उन्होंने कहा कि हाईवे एवं अन्य स्थानों पर होेने वाली बड़ी दुर्घटनाओं में मेडिकल कॉलेज एवं अन्य चिकित्सालय विशेष सकर्तता बरतते हुए त्वरित राहत पहुंचाने के प्रयास करें ताकि अधिक से अधिक जानें बचायी जा सके।
भवन एवं संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन हो ः-
संभागीय आयुक्त ने श्रम विभाग को निर्देश दिए कि भवन एवं संनिर्माण श्रमिकों का पंजीयन अनिवार्यतः हो जिससे उन्हें सरकार की ओर से मिलने वाला बीमा लाभ, पीएफ, बच्चियों के विवाह पर सहायता सहित अन्य श्रर्मिक कल्याण योजनाओं से लाभान्वित किया जा सके। उन्होंने विकास अधिकारी, ग्राम सचिवों को भी इस कार्य में गंभीरता से प्रयास करने की बात कही. संभागीय संयुक्त श्रम आयुक्त पतंजलि भू ने बताया कि संभाग में उदयपुर में 53353, चितौडगढ 14572,बांसवाड़ा 7704, डूंगरपुर 6400, राजसमंद 11268 तथा प्रतापगढ़ जिले में 15697 श्रमिकों का पंजीयन किया गया है।
पेयजल कार्यो में नई योजनाओं का लाभ मिले ः-
संभागीय आयुक्त ने जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग को निर्देश दिये कि संभाग में जितने भी नए प्रोजेक्ट कार्य स्वीकृत है उन्हें तय अवधि में पूरा कर लिया जाकर आगामी ग्रीष्मकाल में आमजन को लाभान्वित करने के प्रयास करें। कलक्टर्स ने अपने अपने जिले में स्वीकृत सीवरेज पेयजल कार्यो की प्रगति पर चर्चा की एवं उपयोगी सुझाव भी दिये।
टेंकर्स से जल परिवहन क्षेत्रों में उॅचाई तक पानी की व्यवस्था की सुविधार्थ 1000 अथवा 500 लीटर की क्षमता वाले प्लास्टिक टेंक रखवाने का सुझाव अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सोमनाथ मिश्रा ने दिया।
गांवों में बिजली पहॅुचाएं ः-
संभागीय आयुक्त ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत विद्युतीकरण कार्य को प्राथमिकता से पूरा करने की जरुरत बतायी। उन्होंने कार्यो को किसी भी वजह से विलंबित न करने के निर्देश दिये। उन्होंने जनजाति तबके के लोगों को विद्युतीकरण का लाभ प्राथमिकता से देने के निर्देश दिए।
बीपीएल, अन्त्योदय पात्रता सूची का पुनः निर्धारण हो ः-
बैठक में उदयपुर कलक्टर रोहित गुप्ता ने गांव छोड़ जाने, सरकारी सेवामें चयनित हो जाने अथवा स्वयं राशन डीलर्स है, ऎसे लोगों को चयनित लोगों की सूची से बाहर करने के लिए सूची का पुनः शुद्धिकरण का सुझाव दिया।
सड़क कार्यों में गुणवत्ता ः
संभागीय आयुक्त ने गौरव पथ कार्यों की भी समीक्षा की। उदयपुर कलक्टर रोहित गुप्ता ने सड़क कार्यों के साथ ही पटरी सुदृढ़ीकरण, नाली निर्माण को भी पूरी गुणवत्ता से करने की बात कही। निर्माण विभाग के अतिरिक्त मुख्य अभियंता ने बताया कि मुख्यमंत्री घोषणा के तहत 111 में से 101 का कार्य पूरा कर दिया गया है। शेष समय रहते पूरे कर लिये जाएंगे।
पीसीपीएनडीटी एक्ट की पालना हो
संभागीय आयुक्त ने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग को पीसीपीएनडीटी एक्ट की सख्ती से पालना के निर्देश दिए ताकि सोनोग्राफी मशीनों का अवैध इस्तेमाल न हो।
सड़क दुर्घटनाएं रोकने के प्रभावी प्रयास हो
संभागीय आयुक्त ने हाइवे एवं अन्य राजमार्गों पर बड़ी संख्या में घटित दुर्घटनाओं को लेकर चिंता जताई और परिवहन, पुलिस विभाग के माध्यम से प्रभावी कार्य योजना बनाने की जरूरत बताई।
पुलिस महानिरीक्षक आनंद श्रीवास्तव ने सभी जगह हेलमेट की अनिवार्यता एवं पालना करवाने, शराब पीकर वाहन चलाने वालों के लाइसेंस निरस्त करने, ब्रेथ एनेलाइजर से चालकों की जांच, हाइवे पर लगती शराब की दुकान हटाने, ओवरलोडिंग वाहनों की रोकथाम, पर्याप्त मार्ग संकेतक लगाने, ट्रेफिक लाइट्स, सीसीटीवी केमरे लगाने आदि के सुझाव दिये।
पर्याप्त वाहनों की जरूरत
जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने ओवरलोडिंग की समस्या से उभरने की दिशा में पर्याप्त वाहन स्वीकृत करने, जहां सरकारी वाहन नहीं है वहां निजी क्षेत्र में वाहनों को स्वीकृति देने व उनका पंजीयन करने की जरूरत बताई।
स्कूल विद्यार्थियों को जागरूक करने की जरूरत
महाराणा भूपाल चिकित्सालय अधीक्षक डॉ.तरूण गुप्ता ने विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों के हेलमेट लगाने, लाइसेंस बनाने तथा ट्रेफिक नियमों की पालना कराने का सुझाव दिया।
संभागीय आयुक्त श्री देथा ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण अधिकारी से कहा कि वे सड़क निर्माण स्वीकृति देते वक्त तकनीकी तौर पर उसका परीक्षण करले ताकि तकनीकी खामी दुर्घटना का कारण न बने। उन्होंने पुलिस विभाग को नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के विरुद्ध सख्ती करने के निर्देश दिए।
लाइसेंस पंच होंगे ः
परिवहन विभाग द्वारा लाइसेंस पंचिग से यातायात नियमों की पालना की सख्ती की जाएगी। इसमें पांच बार मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन की स्थिति में लाइसेंस स्वतः ही निरस्त हो जाएगा। आरटीओ एम.एल.रावत ने सड़क सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे उपायों की भी जानकारी दी। बैठक में जिला कलक्टर्स एवं पुलिस अधीक्षकों ने सड़क दुर्घटनाओं के तहत किये गये प्रयासों की जानकारी रखी।
बैठक में जिला कलक्टर रोहित गुप्ता(उदयपुर), इंद्रजीत सिंह (डूंगरपुर) प्रकाश राजपुरोहित (बांसवाड़ा), वेद प्रकाश (चित्तौड़गढ़), के.सी.वर्मा (राजसमंद), जिला पुलिस अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद गोयल (उदयपुर) प्रसन्न कुमार खमेसरा (चित्तौड़गढ़), डॉ.विष्णुकांत (राजसमंद), कालूराम रावत (प्रतापगढ़), आनंद शर्मा (बांसवाड़ा), अनिल कुमार जैन(डूंगरपुर), अतिरिक्त जिला कलक्टर (प्रशासन) सी.आर.देवासी (उदयपुर) अनुराग भार्गव (प्रतापगढ़), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ.राजेश भारद्वाज (उदयपुर) सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीण उपस्थित थे।