देश-विदेश के 44 चित्रकारों का हुआ संगम, केनवास पर भावनाओं को किया साकार


देश-विदेश के 44 चित्रकारों का हुआ संगम, केनवास पर भावनाओं को किया साकार  

इन कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों में भूतकाल व वर्तमान काल का सम्मिश्रण करते हुए यह दिखानें का प्रयास किया कि प्रकृति, आर्किटेक्चर, मेमोरिज़, जापान की पाक कला, एनिमल व माॅर्डन आर्ट को एक्रेलिक कलर के माध्यम से केनवास पर उतारा तो लगा कलाकृतियां अभी बोल उठेगी। चित्रकार एम.एस.हुसैन ने अपनी कलाकृति में भविष्य मे मजबूत होती नारी को घोड़ों की शक्ति के साथ सुन्दर तरीके से दर्शाया।
 
देश-विदेश के 44 चित्रकारों का हुआ संगम, केनवास पर भावनाओं को किया साकार
भारत सहित 12 देशों के युवा एवं अनुभवी चित्रकार आज जुस्ता ग्रुप ऑफ़ होटल्स एण्ड रिसोर्ट्स सज्जनगढ़ में जुटे।

उदयपुर। भारत सहित 12 देशों के युवा एवं अनुभवी चित्रकार आज जुस्ता ग्रुप ऑफ़ होटल्स एण्ड रिसोर्ट्स सज्जनगढ़ में जुटे। इनके द्वारा पिछले 7 दिनों के भीतर राजस्थान के विभिन्न स्थानों पर बनायी गई पेन्टिग का जुस्ता सज्जनगढ़ होटल्स में आयोजित ‘चित्रशाला‘ में प्रदर्शन किया।

जुस्ता ग्रुप ऑफ़ होटल्स एण्ड रिसोर्ट्स के सीईओ व फाउण्डर आशीष वोहरा एवं दीपिका गोविन्द ने बताया कि इन चित्रकारों ने अपनी भावनाओं को अपनी कल्पनाओं के माध्यम से रंगो का प्रयोग करते हुए अपने कन्टम्परेरी वर्क को केनवास पर उतारा। 

इन कलाकारों ने अपनी कलाकृतियों में भूतकाल व वर्तमान काल का सम्मिश्रण करते हुए यह दिखानें का प्रयास किया कि प्रकृति, आर्किटेक्चर, मेमोरिज़, जापान की पाक कला, एनिमल व माॅर्डन आर्ट को एक्रेलिक कलर के माध्यम से केनवास पर उतारा तो लगा कलाकृतियां अभी बोल उठेगी। चित्रकार एम.एस.हुसैन ने अपनी कलाकृति में भविष्य मे मजबूत होती नारी को घोड़ों की शक्ति के साथ सुन्दर तरीके से दर्शाया।

इस चित्रशाला का संयोजन पंश्चिम बंगाल के अभिजीत मुखर्जी के निर्देशन में किया गया। वोहरा ने बताया कि पिछले 6 दिनों में इन 44 चितेरों ने 88 पेन्टिंग्स का निर्माण किया। उन्होंने बताया कि कला,युवा एवं चित्रकारों को अपने भीतर छिपी चित्रकला को सही जगह पर सही समय पर बाहर लाने के लिये देश-विदेश के बीच आपसी संस्कृति का आदान-प्रदान करने के उद्देश्य से जुस्ता ग्रुप ऑफ़ होटल्स एण्ड रिसोर्ट्स द्वारा पिछले कुछ वर्षो से भारत सहित विश्व के चित्रकारों को एक साथ ला कर उनकी कल्पनाओं को केनवास पर साकार करने का प्रयास कर रहा है। इसी कड़ी में 12 देशों के 44 चितेरों द्वारा बनायी गयी  पेन्टिंग को जुस्ता सज्जनगढ़ में प्रदर्शित किया गया।

उन्होंने बताया कि ये सभी चित्रकार गत 3 नवम्बर को उदयपुर पंहुचें और यहाँ से ये नाहरगढ़ पंहुच कर वहां 6 दिन रहते हुए इन पेन्टिंग्स का निर्माण किया। इन चित्रकारों की पेन्टिंग हुई प्रदर्शित-इस प्रदर्शनी में आर्ट क्यूरेटर अनिरूद्ध चारी के नेतृत्व में पोलेण्ड के 3 चित्रकार एलिक्जा प्रूशेन्विज, बारबरा नाईस्ज़, रोलेण्ड ग्रबवोस्की, इजिप्ट के 5 चित्रकार डाॅ.फातमा एबडेलराहमा, डाॅ. सलमा एलश्रे, डाॅ. समिहा टोहमे, डाॅ. रानिया अबुलेज्म, डाॅ. वियाम एलमाश्रे, नोर्व की एक चित्रकार श्रीमती हने होउकोम। 

थाईलैण्ड के 4 चित्रकार पियांगखवुआन कुमरूने, सूरिया छायाछारोईन, प्रेया केटकूल, नटशूरी टेकव्रीया, टर्की के एक चित्रकार डाॅ. येल्डिज हारून, जापान की रीये टाकानोकुरा, चीन की जानहोंग लियाओ, बांग्लादेश की श्रीमती अखिनूर बिन्टे अली, महमूदा सिद्धिका, स्पेन लियूवके लोथ, कोरिया के डाॅ.क्लेमन्स बेंगून सू, इजिप्ट के इस्लाम ईस्माईल, अल्जिरिया के मोहम्मद डिजोउजडेर, मोहम्मद ईदिर के अलावा भारत के अविजीत मुखर्जी, चंदन भौमिक, सुष्मिता चौधरी, अरूणवा मण्डल, सुकांत सरकार, कमल मित्र, मनोज वैद्य, चैताली चंदा, धनंजय घोष, देबाशीष चक्रवर्ती, अनुसूया चक्रवर्ती, असिस कुमार सान्याल, कुमार रंजन, तुषार पोतदार, राज मोहम्मद, मानव, संतोष मोहन, देबाशीष दत्ता, आदर्श बाजी, राजेश एकनाथ, मधुसूदन, विराग देसाई, श्रद्धा सोलंकी, मोहम्मद असलम हुसन जैसे ख्यातनाम चित्रकार भाग ले कर विभिन्न देशों के बीच कला एवं संस्कृति का आदान-प्रदान करेंगे।

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