महिलाओं को अर्थोपार्जन की गतिविधियों से जोडें – राज्यपाल
राज्यपाल मार्ग्रेट अल्वा ने उन्नत पशुपालन एवं कुटीर उद्योग जैसी गतिविधियों से महिलाओं को जोडकर आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता बतायी। राज्यपाल गुरुवार को उदयपुर जिले के नवानिया स्थित पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित बकरी पालन महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत संभागी महिलाओं से बातचीत कर रही थीं।
राज्यपाल मार्ग्रेट अल्वा ने उन्नत पशुपालन एवं कुटीर उद्योग जैसी गतिविधियों से महिलाओं को जोडकर आत्मनिर्भर बनाने की आवश्यकता बतायी। राज्यपाल गुरुवार को उदयपुर जिले के नवानिया स्थित पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित बकरी पालन महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत संभागी महिलाओं से बातचीत कर रही थीं।
उन्होंने कहा कि पशुपालन के क्षेत्र में नस्ल सुधार कार्यक्रम के बेहतर परिणाम आएंगे। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत नस्ल के पशुपालन हेतु जागरूकता लाने और ग्रामीणों को स्वरोजगार गतिविधियों से जोडे जाने की आवश्यकता जतायी।
राज्यपाल ने संभागी जनजाति महिलाओं से बातचीत में पशुपालन से अच्छी आय प्राप्त करने के साथ ही बच्चों को पढा-लिखाने की जानकारी पाकर प्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने स्कूल में मिड डे मील, उचित मूल्य की दुकानों पर खाद्यान्न वितरण, पेंशन योजनाओं सहित अन्य कल्याणकारी कार्यक्रमों का फीडबेक लिया और संतोष जताया। महिलाओं ने बताया कि मिड डे मील का खाना गुणवत्ता वाला है और सभी वेरायटीज बच्चों को दी जा रही हैं।
राज्यपाल ने जनजाति परिवारों द्वारा परिवार नियोजन अपनाकर परिवार नियोजन अपनाकर परिवार सीमित रखने पर आश्चर्यमिश्रित खुशी जाहिर की और कहा कि यह विकास की महत्वपूर्ण कडी हैं, बच्चों को अच्छा पढाए-लिखाए और उन्हे स्वरोजगार से जोडें।
राज्यपाल ने इस अवसर पर कॉलेज परिसर में संचालित परियोजनाओं गीर नस्ल, मुर्गीपालन, मत्स्य, उन्नत चारा उत्पादन आदि का अवलोकन किया और परियोजनाओं की तकनीकी जानकारी ली। उन्होंने परियोजनाओं को लोकहित में प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए समग्र प्रयास करने के निर्देश भी दिये।
राज्यपाल ने महाविद्यालय में लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया एवं नस्लोपचार के लिए लगाए उपकरणों की व्यावहारिक जानकारी ली। उन्होंने पशु महाविद्यालय में विभिन्न इकाइयों का अवलोकन कर उपचार सुविधाओं के बारे में भी जाना।
राज्यपाल ने इस अवसर पर हाइड्रोपॉनिक्स तकनीक द्वारा हरा चारा उत्पादन, पशुपालन के नए आयाम, पशु उपचार औषधियां, बकरियों में प्रजनन व्यवस्था, सफल पशु उत्पादन आदि प्रकाशन सामग्री का विमोचन किया।
इस मौके पर राजस्थान पशु चिकित्सा एवं पशुविज्ञान विश्वविद्यालय बीकानेर के कुलपति कर्नल अजय गहलोत, एमपीयूएटी के कुलपति ओ.पी.गिल, संभागीय आयुक्त डॉ. सुबोध अग्रवाल, जिला कलक्टर आशुतोष ए.टी. पेडणेकर, पुलिस अधीक्षक महेश गोयल, अतिरिक्त कलक्टर नारायण सिंह, प्रोटोकॉल आफिसर अनिल शर्मा, अति. पुलिस अधीक्षक सुधीर जोशी व देवस्थान सहायक आयुक्त डॉ. प्रियंका भट्ट आदि मौजूद थे।
राज्यपाल ने किया निखिल डे को सम्मानित
राज्यपाल ने विद्याभवन में स्व.केसरीलाल बोर्दिया के स्मृति दिवस पर आयोजित सम्मान समारोह की अध्यक्षता करते हुए समारोह को संबोधित किया एंव शिक्षाविद् स्व.केसरीलाल बोर्दिया एवं उनके परिवार द्वारा इस आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए प्रयासों की सराहना कि। उन्होंने इस अवसर पर स्व.बोर्दिया की तस्वीर पर माल्यार्पण भी किया।
उन्होंने समारोह में उपस्थित सामाजिक कार्यकर्ता एवं लोकतांत्रिक प्रणाली में सूचना के अधिकार एवं सुनवाई के अधिकार अधिनियम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली अरुणा रॉय के प्रयासों की भी सराहना की। इस अवसर पर मजदूर किसान शक्ति संगठन के संस्थापक निखिल डे को राज्यपाल ने उनके किए गए कार्यो के लिए शॉल ओढाकर सम्मानित किया।
इस अवसर पर जीवन रक्षा ट्रस्ट के कैलाश बिहारी बाजपेयी सहित पूर्व विधायक त्रिलोक पूर्बिया, पुलिस महानिरीक्षक श्री अमृत कलश, मजदूर किसान शक्ति संगठन के प्रतिनिधि एवं शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
