झीलों, तालाबों के संरक्षण को केबिनेट बैठक का प्रमुख एजेंडा बनाये
उदयपुर संभाग की अधिकतम आबादी का रोजगार ,विकास,स्वास्थ्य झीलों ,तालाबों के पानी पर निर्भर है। सरकार से आग्रह है कि वो झीलों,तालाबों के संरक्षण को केबिनेट बैठक का प्रमुख एजेंडा बनाये। यह मांग रविवारीय श्रमदान पश्चात आयोजित संवाद में रखी गयी।
उदयपुर संभाग की अधिकतम आबादी का रोजगार ,विकास,स्वास्थ्य झीलों ,तालाबों के पानी पर निर्भर है। सरकार से आग्रह है कि वो झीलों,तालाबों के संरक्षण को केबिनेट बैठक का प्रमुख एजेंडा बनाये। यह मांग रविवारीय श्रमदान पश्चात आयोजित संवाद में रखी गयी।
संवाद में झील संरक्षण समिति के सह सचिव अनिल मेहता ने कहा कि एक षडयंत्र के तहत उदयपुर ही नहीं पुरे राज्य के झीलों तालाबों को अधिकारिक तरीके से छोटा किया जा रहा है। वसुंधरा सरकार इस पर तुरंत ध्यान दे। एवं राजस्थान की जलविज्ञानीय धरोहर को बचाये।
चांदपोल नागरिक समिति के तेज शंकर पालीवाल ने कहा कि एनएलसीपी की योजना व क्रियान्वयन में भारी गड़बड़िया है। इस सम्बन्ध में राज्य सरकार का कई बार ध्यान भी आकृष्ट किया गया है। केबिनेट मीटिंग में एनएलसीपी का रिव्यू किया जाना चाहिए एवं नागरिको तथा विशेषज्ञों से सरकार को वस्तुस्थिति जाननी चाहिए।
वरिष्ठ नागरिक रमेश चन्द्र राजपूत व मोहन सिंह ने कहा कि मौजूदा झील विकास प्राधिकरण के ड्राफ्ट में आवश्यक सुधार करते हुए सरकार को झील विकास प्राधिकरण का गठन करना चाहिए। शहर के प्रमुख गोताखोर राजू हेला ने बताया कि झीलों में गोता या डुबकी लगाने पर प्रदुषण के कारण पानी में देखने में कठिनाई होती है एवं चमड़ी पर बीमारिया हो जाती है।
डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरिया ट्रस्ट के सचिव नन्द किशोर शर्मा ने कहा कि जब सरकार नागरिको से रूबरू हुई तब उसे वास्तविकता ज्ञात हुई है। झीलों तालाबों बावड़ियों की वस्तुस्थिति जानने के लिए नागरिको से रूबरू हो तभी झील विकास की टिकाऊ , दूरगामी व समग्र रीती नीति बन सकेगी। जनता से सतत संवाद और भागीदारी के बिना झीलों का विकास एवं संरक्षण कठिन होगा।
संवाद से पूर्व पिछोला के बारीघाट पर चांदपोल नागरिक समिति, झील समरक्षण समिति एवं डॉ मोहन सिंह मेहता मेमोरियल ट्रस्ट के सांझे में आयोजित श्रमदान में दुर्गा शंकर पुरोहित ,रमेश चन्द्र राजपूत,मोहन सिंह चौहान,महेंद्र सोनी,राजू हेला,बंशी लाल मीणा,भंवर सिंह राजावत,रामलाल गहलोत,तेज शंकर पालीवाल,नन्द किशोर शर्मा ,अनिल मेहता, कुलदीपक पालीवाल सहित स्थानीय नागरिको ने झील से प्लास्टिक बॉटल्स, जलीय घास, हवन पूजन सामग्री,फाटे पुराने कपडे एवं काच की बोतले निकाली।
