प्रस्तावना को साक्षी मान, मनाया संविधान दिवस
उदयपुर । रोटरी क्लब पन्ना व विद्याभवन काॅलेज के संयुक्त तत्वाधान में विद्याभवन ऑडिटोरियम में आज संविधान दिवस मनाया गया।
रोटरी क्लब पन्ना के अध्यक्ष अशोक पालीवाल ने बताया कि राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए समारोह में शहर के प्रमुख स्कूलों के प्राचार्यो को संविधान की प्रस्तावना प्रति भेंट की गई ताकि विधार्थी रोजमर्रा में संविधान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहरा सकें।
कार्यक्रम में एक पैनल चर्चा का आयोजन भी हुआ जिसमें वरिष्ठ पत्रकार अनुराग चतुवैदी, प्रोफेसर अक्षय चतुवैदी विद्या भवन के अध्यक्ष अजय मेहता व अनुराग प्रियदर्शी ने अपने विचार व्यक्त किए।
इस अवसर पर अजय मेहता ने बताया कि समता, समानता, न्याय, धर्मनिरपेक्षता जैसे संवैधानिक मूल्यों को हमें अपने जीवन में उतारने की आवश्यकता है और अपने आस-पास के लघु समाजों में इन्हें क्रियान्वयन करना होगा। प्रो. अरूण चतूवैदी ने बताया कि विद्या भवन के संस्थापक डाॅ. मोहन सिंह मेहता संविधान निर्मात्री सभा के सदस्य रहे है, इसलिए विद्या भवन की शिक्षा में संविधान की आत्मा बसती है।
कार्यक्रम के अंतिम चरण में विधार्थियों को राज्यसभा टी.वी द्वारा निर्मित संविधान धारावाहिक के पहले एपीसोड का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम में रोटरी क्लब इन्टरेक्ट विद्याभवन, सेन्ट मैथ्युज़, सेन्ट जेवियर, हैप्पी हौम के अध्यक्ष व सचिव भी उपस्थित थे।
रोटरी क्लब व पन्ना के जी.एस.आर मधू सरीन भानूप्रताप सिंह धायभाई, तारीका धायभाई, राकेश सेन, राजेश शर्मा, प्रवीण जोशी, आशीष पोरवाल, फातिमा साबिर, महेश सेन, हेमन्त सेन, निरज बोलिया, उषा गायकवाड़, बीना चितौडा़ अपस्थित थे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में विद्यालयों के प्राचार्य शिक्षा जगत के गुरूओं को संविद्यान की प्रस्तावना भेट की गई।
डायरेक्टर हैप्पी होम स्कूल की डाॅ. सुषमा अरोरा, विद्या भवन स्कूल के प्राचार्य ए.के उदावत, विद्या भवन स्कूल के प्राचार्य पुष्पराज सिंह राणावत, विद्याभवन सी.से. स्कूल के प्राचार्य नीरजा जैन, विद्या भवन स्कूल रामगिरी के प्राचार्य रैनु जादव, सेन्ट मैथ्युज़ स्कूल के प्राचार्य नितिन नाथ, रा.उ.मा. विद्यालय बुझड़ा की प्राचार्य किरण बाला, सेन्ट सेवियर स्कूल की शुभांगी वरणगांवकर, प्रो.अरूण चतुर्वेदी प्रोफेसर, महाराणा मेवाड़ विद्या भवन के प्रधानाचार्य जुम्बर गहलोत, विद्या भवन के अध्यक्ष अजय मेहता, विद्या भवन के सीईओ अनुराग परिदेश व अनुराग चतुर्वेदी को संविधान के प्रस्तावना की प्रति भेंट की गई।