अपने क्षेत्र में टिके रहने के लिये बदलाव की निरन्तरता आवश्यकः वाईब्रेटिंग ब्रदर्स
रिद्म इवेंट्स एंड कोरियोग्राफी और रहाना किड्जी के साझे में आयोजित शिविर के समापन समारोह में मुबंई से भाग लेने आये डांस प्लस टीवी शो फेम मूल फतहपुर (कानपुर) निवासी शफात और अराफात का मानना है कि यदि आपको अपने क्षेत्र में टिकना है तो उसमे निरंतर कुछ न कुछ बदलाव करते रहना होगा। यदि एक ही ढर्रे पर चलते रहेंगे तो जल्द ही आउट ऑफ लाइन हो जाएंगे।
रिद्म इवेंट्स एंड कोरियोग्राफी और रहाना किड्जी के साझे में आयोजित शिविर के समापन समारोह में मुबंई से भाग लेने आये डांस प्लस टीवी शो फेम मूल फतहपुर (कानपुर) निवासी शफात और अराफात का मानना है कि यदि आपको अपने क्षेत्र में टिकना है तो उसमे निरंतर कुछ न कुछ बदलाव करते रहना होगा। यदि एक ही ढर्रे पर चलते रहेंगे तो जल्द ही आउट ऑफ लाइन हो जाएंगे।
वाइब्रेटिंग ब्रदर्स के नाम से मशहूर अराफात बड़े हैं और उन्होंने शफात को डांस सिखाया। डांस प्लस में ऑडिशन के समय डांस मास्टर रेमो डिसूजा ने शफात से पूछा और अराफात को भी स्टेज पर बुलाया। जब दोनों भाइयों ने वाइब्रेशन स्टाइल में शानदार प्रस्तुति दी तो रेमो डिसूजा भी आश्चर्यचकित रह गए और दोनों को वाइब्रेटिंग ब्रदर्स की उपमा दी।
अराफात ने बताया कि वाइब्रेशन और कुछ नहीं एनिमेशन का ही स्टाइल है। वाइब्रेशन हमारा अपना स्टाइल है जिसे हमने ईजाद किया। मोटापे की वजह से रियलिटी शो में खासा नाम मिला। फैट होने के बावजूद डांस कर पाना, यही विशेषता रही। मोटापा हमारी यूएसपी बन चुकी है। इसके बाद तो काम चल निकला और लगातार 3 साल से काम कर रहे हैं। देश भर में 185 से अधिक डांस के वर्कशॉप कर चुके हैं। साथ ही सेमिनार भी करते रहे हैं।
रियलिटी शो में वापस नहीं आने के सवाल पर अराफात का कहना था कि एक बार आपको पहचान मिल गई। अब आप पर निर्भर है कि कितने समय तक उसे जिन्दा रख पाते हैं। खुद के डांस स्कूल खोले हैं जहां बच्चे डांस सीखने आते हैं। उदयपुर को इंडिया का लॉस एंजिलिस-अटलांटा मानते हैं। यहां पहले भी आ चुके हैं। अपना लक्ष्य उस दिन पूरा होना मानते हैं जब विदेशी हिन्दुस्तान के डांस देखकर सीखने लग जाएंगे, तब तक निरंतर काम करना है।