भोर से लेकर सांझ तक चली पक्षी प्रजातियों की गणना

उदयपुर बर्ड फेस्टिवल
 
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बर्डरेस में दिखा उत्साह, छः दलों ने दर्जनों जलाशयों पर की गणना
 

उदयपुर 9 जनवरी 2020 । अन्तर्राष्ट्रीय स्तर के उदयपुर बर्ड फेस्टिवल के तहत गुरुवार को आयोजित हुई बर्डरेस के तहत पक्षीप्रेमियों में बड़ा उत्साह दिखाई दिया।

मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) आर.के.सिंह ने बताया कि पक्षीप्रेमियों व विशेषज्ञों के छः दलों ने उदयपुर संभागभर के अलग-अलग वनक्षेत्रों व वेटलेण्ड्स में अल सुबह से लेकर सांझ ढले तक पक्षी प्रजातियों की गणना की और डाटा संग्रहण किया। सिंह ने बताया कि इस प्रतियोगिता में पक्षीप्रेमी अलसुबह सुबह 6 से शाम 6 बजे तक वनक्षेत्र व वेटलेण्ड्स में पहुंचे और देखे गए पक्षी प्रजातियों के आंकड़े अपनी लॉगबुक में दर्ज किए। 

बर्डरेस के तहत उदयपुर के प्रभारी विजेन्द्र परमार, प्रदीप सुखवाल, विनय दवे, वहीं बांसवाड़ा के लिए डॉ. कमलेश शर्मा, प्रतापगढ़ के लिए देवेन्द्र मिस्त्री व चित्तौड़गढ़ के लिए टीम लीडर अनिल रोजर्स के नेतृत्व में पक्षीप्रेेमियों ने पक्षी प्रजातियों की गणना कर डाटा संग्रहण किया।

मेनार में दिखे जलीय पक्षी तो रूडेडा पर शिकारी व बलीचा में वल्चर्स:

उदयपुर के दल प्रभारी विनय दवे के नेतृत्व में सुरेश पालीवाल, रजत चोरडि़या, विष्णु जोशी और मुकेश सुखवाल ने बलिचा डंपिंग यार्ड में वल्चर्स की सर्वाधिक संख्या को देखा वहीं रूंडेडा तालाब पर शिकारी पक्षियों व मेनार तालाब पर जलीय पक्षियों की सर्वाधिक तादाद में उपस्थिति दर्ज की। इसी प्रकार इस दल ने जांबेश्वर महादेव में दुर्लभ प्रजाति के ब्राउन फिश आउल देखा। 

इधर चित्तौड़गढ़ के दल में पक्षी विशेषज्ञ अनिल रोजर्स के नेतृत्व में डॉ. हेमंत जोशी, राजलक्ष्मी जोशी ने चित्तौड़गढ़, मंलगवाड़, किशन करेरी बड़वई आदि जलाशयों पर पक्षी प्रजातियों की अलग-अलग प्रजातियों की गणना की।
 

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