हरियाणा के हांसी CIA इंचार्ज समेत 11 पुलिसकर्मियों को कोर्ट का नोटिस, लगे ये गंभीर आरोप ?
Udaipur Times, Haryana News : हरियाणा से बड़ी खबर सामने आ रही है। हिसार जिला कोर्ट ने पंजाब के रहने वाले बैंक मैनेजर रमनजीत सिंह की शिकायत पर हरियाणा के हांसी CIA इंचार्ज कप्तान सिंह 11 पुलिसकर्मियों को समन भेजकर 16 जुलाई को तलब कर लिया है। जानकारी के अनुसार, इन पुलिसकर्मियों पर कई गंभीर आरोप लगने का मामला सामने आया हैं।
मिली जानकारी के अनुसार शिकायतकर्ता बैंक मैनेजर रमनजीत सिंह पंजाब में संगरूर जिले के सुनाम के रहने वाले है।
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जानकारी के मुताबिक कोर्ट ने आरोपी आशीष उर्फ आशु, बीरसेन, चेतन, ASI वीरेंद्र सिंह, हांसी CIA इंचार्ज इंस्पेक्टर कप्तान सिंह, SI भूप सिंह, EHC सुनील, ASI सत्यवान, कांस्टेबल संदीप, ASI धर्मवीर सिंह और कांस्टेबल जयबीर सिंह को तलब किया है। Haryana News
आरोपों को बताया झूठा
इस मामले में मुख्य आरोपी आशु दलाल के पिता ASI वीरेंद्र का कहना है कि वह इस समय बाहर हैं, उन पर जो आरोप लगे हैं वह झूठे हैं। बाकि वह कोर्ट ऑर्डर देखकर ही कुछ बता सकेंगे। Haryana News
कोर्ट ने धारा 342 (गलत तरीके से बंधक बनाना), 365 (अपहरण), 427 (नुकसान पहुंचाना), 506 (जान से मारने की धमकी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत मुकदमा चलाने के लिए तलब किया है।
कोर्ट ने कहा-
खबरों की माने तो कोर्ट ने सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी आरोपी को समन करना एक गंभीर मामला है। इस मामले में पेश किए गए गवाहों, वायरलेस लॉग रजिस्टर, CCTV फुटेज और शिकायतकर्ता के बरी होने के दस्तावेजों से प्रथम दृष्टया यह साबित होता है कि पुलिस अधिकारियों ने कानून का पालन करने के बजाय निजी आरोपियों के साथ मिलकर इस पूरी साजिश को अंजाम दिया। Haryana News
9 साल पहले कार टक्कर का विवाद...
मिली जानकारी के अनुसार 16 दिसंबर, 2017 को बैंक मैनेजर रमनजीत सिंह अपनी ऑल्टो कार से हिसार के रेड स्क्वायर मार्केट आए थे। वहां उनकी कार आरोपी नंबर-1 आशीष उर्फ आशु की गाड़ी से टकरा गई। रमनजीत ने माफी भी मांगी और अपना कार्ड देकर नुकसान की भरपाई का वादा किया, लेकिन आशीष पुलिस स्टेशन ले जाने पर अड़ गया। रमनजीत वहां से निकल गए, जिसके बाद आशीष ने फोन पर उन्हें देख लेने की धमकी दी। Haryana News
कार को घेरा
18 दिसंबर, 2017 को रमनजीत हिसार के हुंडई शोरूम में क्रेटा कार खरीदने पहुंचे थे। उनके पास गाड़ी में करीब 3.35 लाख रुपए कैश थे। सुबह करीब 11 बजे जीत धर्मकांटा के पास स्विफ्ट और बोलेरो गाड़ियों में सवार होकर आए आशीष, उसके पिता ESI वीरेंद्र सिंह (CIA स्टाफ) और अन्य साथियों ने रमनजीत की कार को आगे-पीछे से ब्लॉक कर दिया। Haryana News
हमला किया
जानकारी के मुताबिक इसके बाद पीड़ित ने घबराकर कार अंदर से लॉक कर ली तो आरोपियों ने खिड़कियों पर ईंटें बरसाईं। भीड़ जुटी तो ASI वीरेंद्र सिंह ने खुद को पुलिस अफसर बताकर सबको पीछे हटा दिया। आरोपियों ने रमनजीत को जबरन खींचकर निकाला, लोहे के पंच से गर्दन पर हमला किया और बोलेरो में डाल लिया।
इसके बाद उन्हें CIA स्टाफ ले जाकर कपड़े उतरवाकर पीटा गया और करीब 90 हजार रुपए छीन लिए गए। Haryana News
ऐसे खुली पोल
वारदात के समय रमनजीत का एक फोन चालू रह गया था, जिससे उनके वकील दोस्त वीरेंद्र मांजू को अपहरण की भनक लगी। वकील के दोस्त राज कुमार ने तुरंत हिसार पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस ने वायरलेस (VT) मैसेज भी जारी किया था।
जानकारी के अनुसार पूरी वारदात पास की एक दुकान के CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें साफ दिख रहा है कि दो गाड़ियों ने पीड़ित की कार को रोककर उसे जबरन अगवा किया। Haryana News
झूठा केस दर्ज
अपनी पोल खुलती देख ASI वीरेंद्र सिंह और CIA स्टाफ के अन्य अधिकारियों ने रमनजीत और उनके परिवार को धमकी दी कि तुमने हमारे खिलाफ वीटी (VT) मैसेज करवाया है, अब अंजाम भुगतो। Haryana News
जानकारी के मुताबिक इसके बाद उसी दिन (18 दिसंबर 2017) सिविल लाइंस थाने में रमनजीत के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत झूठा केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया। हालांकि, 15 दिसंबर 2022 को कोर्ट ने रमनजीत को इस झूठे केस से बरी कर दिया था।
