हरियाणा में 25 साल पुराने JBT भर्ती विवाद का कोर्ट ने किया निपटारा, 160 को मिलेगी नियुक्ति
Udaipur Times, Haryana News, चंडीगढ़ : हरियाणा में 1999 में हुई 3,206 जूनियर बेसिक टीचर (जेबीटी) की भर्ती से जुड़ा करीब ढाई दशक पुराना कानूनी विवाद अब समाप्त हो गया है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के समाधान प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है।
इस फैसले से दो दशक से अधिक समय से सेवा दे रहे शिक्षकों की नियुक्तियां सुरक्षित रहेंगी। 160 नए अभ्यर्थियों को भी नौकरी मिलेगी। हाईकोर्ट ने सभी लंबित अपीलों का निपटारा कर दिया।
राज्य सरकार ने जस्टिस हरसिमरन सिंह सेठी और जस्टिस अमरिंदर सिंह ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा प्रस्तुत समाधान पर सभी पक्ष सहमत हैं
नए अभ्यर्थियों को पिछली तिथि से लाभ नहीं मिलेगा
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि 2014 के फैसले से लाभान्वित 221 याचिकाकर्ताओं के मामलों की समीक्षा की गई। इसमें करीब 160 अभ्यर्थी शैक्षणिक मेरिट के आधार पर चयन क्षेत्र में पाए गए। इन अभ्यर्थियों को उपलब्ध रिक्त पदों पर नई नियुक्ति दी जाएगी। यह नियुक्ति भावी प्रभाव से होगी। इन अभ्यर्थियों को पिछली तिथि से नियुक्ति, वरिष्ठता, सेवा की निरंतरता, बकाया वेतन या एरियर नहीं मिलेगा।
ग्रेवाल की खंडपीठ को बताया कि 8 जनवरी 2014 के एकल पीठ के फैसले के अनुसार नई समेकित मेरिट सूची तैयार करना अब व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है। कई जिलों की मूल साक्षात्कार सूची उपलब्ध नहीं है। कुछ रिकॉर्ड अधूरे हैं और कई मामलों में साक्षात्कार के अंक ही नहीं मिले। करीब 25 वर्ष बीत जाने के कारण पूरी भर्ती प्रक्रिया दोबारा करना संभव नहीं है।
सरकार ने यह भी कहा कि 1999 में नियुक्त अधिकांश शिक्षक दो दशक से अधिक समय से लगातार सेवाएं दे रहे हैं। इनमें से कई सेवानिवृत्त भी हो चुके हैं, इसलिए सरकार ने सेवाएं सुरक्षित रखने का निर्णय लिया है।
