उदयपुर में आइसक्रीम मिलावट पर बड़ी कार्रवाई
शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत 269 लीटर आइसक्रीम नष्ट, नमूने जांच के लिए भेजे गए
उदयपुर 9 जनवरी 2026 - खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण आयुक्त जयपुर, डॉ.टी.शुभमंगला के निर्देश पर जिला कलक्टर नमित मेहता एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य के निर्देश अनुसार शुद्ध आहार मिलावट पर वार अभियान के तहत कार्रवाई निरन्तर जारी है। आज अशोक कुमार गुप्ता खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा कोटा बावड़ी, भुवाणा स्थित मैसर्स अनर्तमना डेयरी एंड फूड प्रोडक्ट्स पर निरीक्षण हेतु पहुंचे।
जहां निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं पाई गई। यहां आइसक्रीम निर्माण करने का कार्य किया जाता है, यहां आइसक्रीम बनाने में मिल्क फेट के स्थान पर वेजिटेबल ऑइल काम में लिया जा रहा था जो कि नियमानुसार गलत है, इस पर मिडियम फैट आइसक्रीम का नमूना लेकर प्रयोगशाला भिजवाया गया शेष बची 269 लीटर आइसक्रीम ( 5 लीटर के 54 पैकैट ) मोके पर नष्ट करायें। यहां निरीक्षण के दौरान कई अन्य अनियमितताएं पाई गई। फ़ूड सैफ्टी डिस्प्ले बोर्ड नहीं पाया गया, , पेस्ट कंट्रोल रिपोर्ट नहीं पायी गयी, कार्यरत फ़ूड हैण्डलसर्श के मेडिकल रिपोर्ट नहीं पायी गयी।
इस पर उक्त विक्रेता को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम -2006 की धारा 32 के तहत इंम्पप्रुमेंट नोटिस जारी किया जाएगा ।
लैब से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जावेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अशोक आदित्य ने बताया कि अभियान लगातार जारी रहेगा एवं मिलावटियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जावेगी। यह है कि मिसब्रांड पाये जाने पर 3 लाख रुपये तक, सब स्टैण्डर्ड पाये जाने पर 5 लाख, .रुपये तक जुर्माने एवं अनसेफ पाये जाने पर 6 माह से लेकर आजीवन कारावास एवं 1 लाख से लेकर 10 लाख रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।