उदयपुर सिटी पैलेस में शुरू हुआ 10 दिवसीय 'क्यूरेटिंग उदयपुर' म्यूज़ियम स्टडीज़ कोर्स

56 प्रतिभागी सीखेंगे हेरिटेज संरक्षण
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Museum Studies Course st City Palace Udaipur

 

Udaipur Times, Udaipur News 13 जुलाई 2026। राजस्थानी भाषा अकादमी एवं महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित दस दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम ‘क्यूरेटिंग उदयपुर: ए कोर्स इन म्यूज़ियम स्टडीज़’ का शुभारम्भ को सिटी पैलेस, उदयपुर स्थित ऐतिहासिक खुश महल में हुआ। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 22 जुलाई 2026 तक आयोजित किया जाएगा।

फाउण्डेशन के अध्यक्ष एवं प्रबंध न्यासी डॉ. लक्ष्यराज सिंह मेवाड़ के दिशा-निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य राजस्थान में बोली जाने वाली भाषा का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करते हुए इस आधुनिक युग में इनका संरक्षण करना प्रमुख है। हमारी भाषा हमारी संस्कृति और परम्परा की अहम पहचान है। Udaipur News

इस कार्यक्रम के माध्यम से संग्रहालय अध्ययन, सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण तथा संग्रहालय प्रबंधन के विभिन्न आयामों से प्रतिभागियों को परिचित कराना है। उदयपुर की समृद्ध सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत को केंद्र में रखते हुए इस पाठ्यक्रम में मेवाड़ की चित्रकला परम्परा, राजप्रासादीय वास्तुकला, भौतिक सांस्कृतिक धरोहर, धार्मिक संस्थाओं की विरासत, संग्रहालय क्यूरेशन तथा डिजिटल हेरिटेज संरक्षण जैसे विविध विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान एवं व्यावहारिक सत्र आयोजित किए जाएंगे। Udaipur News

फाउण्डेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. मयंक गुप्ता ने बताया कि दस दिवसीय इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में कुल 56 प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिन्हें संग्रहालयों के संचालन, धरोहरों के संरक्षण, दस्तावेजीकरण, व्याख्या तथा आधुनिक संग्रहालयीय अवधारणाओं का व्यावहारिक एवं अकादमिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। Udaipur News

प्रथम दिन लंदन की प्रोफ़ेसर हैली नील स्वानसन ने उदयपुर के म्यूज़ियम आर्किटेक्चर और प्राकृतिक व निर्मित परिवेश पर आधारित व्याख्यान के साथ म्यूज़ियम स्टडीज़ और हेरिटेज प्रैक्टिस में एक सर्टिफ़िकेट कोर्स पर प्रकाश डाला। वहीं फाउण्डेशन की ओर से और अकादमी के ट्रस्टी विशेष कोठारी के सानिध्य में प्रतिभागियों को सिटी पैलेस म्यूज़ियम, उदयपुर का दौरा करवाकर महत्वपूर्ण जानकारियां दी गई। Udaipur News

महाराणा मेवाड़ चैरिटेबल फाउण्डेशन द्वारा विगत कई दशकों से मेवाड़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, संवर्धन एवं जन-जागरूकता के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों के क्रम में यह पाठ्यक्रम युवाओं, शोधार्थियों, संग्रहालयकर्मियों तथा धरोहर संरक्षण के क्षेत्र में रुचि रखने वाले प्रतिभागियों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध होगा।

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