पैतृक संपत्ति पर बेटियों का भी उतना हक जितना बेटों का ! हाई कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Udaipur Times, Shimla News : हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने हिंदू उत्तराधिकार कानून पर ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए स्पष्ट किया है कि पैतृक संपत्ति पर बेटियों का बेटों के समान ही कानूनी अधिकार है। न्यायाधीश राकेश कैंथला की एकल पीठ ने ऊना जिले से जुड़े करतार चंद की संपत्ति विवाद याचिका को खारिज करते हुए यह आदेश दिया।
मामले के अनुसार, करतार चंद के निधन के बाद उनके बेटे रोशन लाल ने राजस्व कर्मचारियों की मिलीभगत से जमीन का इंतकाल (म्यूटेशन) अपने नाम करवा लिया था। रोशन लाल का दावा था कि 1985 में मौखिक बंटवारा हो चुका था। हालांकि, कोर्ट ने इस दावे को 'रेस ज्यूडीकाटा' सिद्धांत के तहत खारिज कर दिया।
अपीलकर्ता की यह दलील कि 2005 का संशोधन अधिनियम पुरानी तिथियों पर लागू नहीं होता, कोर्ट ने सिरे से नकार दी। हाई कोर्ट ने कहा बेटी का जन्म भले ही 2005 से पहले हुआ हो, वह जन्म से ही पैतृक संपत्ति में बेटे की तरह बराबर की हकदार बन जाती है। अदालत ने गलत म्यूटेशन को रद्द करते हुए बेटियों के अधिकार को बरकरार रखा।
