हरियाणा में धान कटाई सीजन से पहले DC के सख्त निर्देश, इन किसानों पर होगी FIR और लगेगा जुर्माना

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हरियाणा में धान कटाई सीजन से पहले DC के सख्त निर्देश, इन किसानों पर होगी FIR और लगेगा जुर्माना 

Udaipur Times, Haryana News, फरीदाबाद : उपायुक्त (डीसी) आयुष सिन्हा ने आगामी धान कटाई के सीजन को देखते हुए जिले के किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों (पराली) में किसी भी स्थिति में आग न लगाएं तथा पर्यावरण  संरक्षण में अपना सहयोग दें। उन्होंने कहा कि फसल अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है और मिट्टी की उर्वरा शक्ति तथा पर्यावरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों से आग्रह किया कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय उनका उचित प्रबंधन करें और आधुनिक कृषि यंत्रों एवं वैज्ञानिक विधियों का उपयोग कर पराली को खेत में ही मिलाएं।

डीसी आयुष सिन्हा ने कहा कि किसान सुपर मीडर, हैप्पी सीडर, स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम, मल्चर एवं रोटावेटर आदि कृषि यंत्रों का उपयोग करके फसल अवशेषों का प्रबंधन कर सकते हैं। इससे फसल अवशेष खेत में ही मिल जाते हैं, मिट्टी में जैविक पदार्थ की मात्रा बढ़ती है तथा खेत की उर्वरा शक्ति में सुधार होता है। उन्होंने कहा कि संबंधित विभागों एवं अधिकारियों द्वारा किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे स्वयं भी जागरूक बनें और अपने आसपास के अन्य किसानों को भी फसल अवशेष न जलाने के लिए प्रेरित करें।

सहायक कृषि अभियंता राकेश कुमार ने भी किसानों से आग्रह किया है कि वे फसल अवशेषों को आग लगाने के बजाय उपलब्ध कृषि मशीनरी एवं वैज्ञानिक विधियों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वायु, स्वस्थ मिट्टी और बेहतर पर्यावरण के लिए सभी किसानों का सहयोग आवश्यक है। किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के लिए उपलब्ध संसाधनों एवं विभागीय मार्गदर्शन का लाभ उठाना चाहिए।

उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान फसल अवशेष अथवा पराली जलाता है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फसल अवशेष जलाने की घटना पाए जाने पर संबंधित किसान के विरुद्ध पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति/जुर्माना लगाया जाएगा तथा किसान की ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रेड एंट्री दर्ज की जाएगी। इसके साथ ही नियमानुसार एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जाएगी। फसल अवशेष जलाने पर भूमि के क्षेत्रफल के अनुसार जुर्माने का प्रावधान है, जिसके तहत 2 एकड़ से कम भूमि पर 5,000 रुपये, 2 से 5 एकड़ तक भूमि पर 10,000 रुपये तथा 5 एकड़ से अधिक भूमि पर 30,000 रुपये का जुर्माना लगाया जा सकता है।

डीसी ने कहा कि प्रशासन द्वारा फसल अवशेष जलाने की घटनाओं की निगरानी सैटेलाइट डाटा तथा संबंधित विभागों की फील्ड टीमों के माध्यम से की जा रही है। घटना की पुष्टि होने पर संबंधित किसान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने किसानों से पुनः अपील की कि वे फसल अवशेषों में आग न लगाएं और पर्यावरण संरक्षण के इस महत्वपूर्ण कार्य में प्रशासन का सहयोग करें।

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