पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. एस. आर रंगनाथन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई


पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. एस. आर रंगनाथन की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई 

ई-पब्लिक लाईब्रेरी नगर निगम, अशोक नगर में आयोजित स्मराणंजलि कार्यक्रम
 
death anniversary of rangnathan
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उदयपुर 26 सितंबर 2022 । पुस्तकालय एवं सूचना विज्ञान के पितामह पद्म श्री अवार्ड से सम्मानित पुस्तकालयाध्यक्ष डॉ. एस. आर रंगनाथन की पुण्यतिथि मंगलवार को मनाई गई। ई-पब्लिक लाईब्रेरी नगर निगम, अशोक नगर में आयोजित स्मराणंजलि कार्यक्रम में पुस्तकालय समिति अध्यक्ष चन्द्रकला बोल्या, पुस्तकालयाध्यक्ष भगवत सिंह राव, समिति सदस्य डॉ सोनिका जैन माधुरी राठौड, दीपिका चौधरी, नेहा कुमावत, वरिष्ठ सहायक नीरज शर्मा ने रंगनाथन की तस्वीर पर माल्यार्पण व दीप प्रज्जवलन कर श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर चन्द्रकला बोल्या ने कहा कि डा. एस. आर. रंगनाथन का जन्म 12 अगस्त 1892 को शियाली, मद्रास (वर्तमान चेन्नई) में हुआ था। रंगनाथन की शिक्षा शियाली के हिन्दू हाई स्कूल, टीचर्स कॉलेज, सइदापेट में हुई थीं। मद्रास क्रिश्चियन कॉलेज में उन्होंने 1913 और 1916 में गणित में बी. ए. और एम. ए. की उपाधि प्राप्त की। 1917 में उन्होंने गवर्नमेंट कॉलेज, कोयंबटूर और 1921 23 के दौरान प्रेजिडेंसी कॉलेज, मद्रास विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया।

भगवत सिंह राव ने कहा कि डॉ एस आर रंगननाथ को भारतीय पुस्तकालय विज्ञान का जनक कहा जाता है 1924 में रंगनाथन को मद्रास विश्वविद्यालय का पुस्तकालयाध्यक्ष बनाया गया और इस पद की योग्यता हासिल करने के लिए वह यूनिवर्सिटी कॉलेज, लंदन में अध्ययन करने के लिए इंग्लैंड गए। 1925 से मद्रास में उन्होंने यह काम पूरी लगन से शुरू किया और 1944 तक इस पद पर बने रहें। 1945-47 के दौरान उन्होंने बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय पुस्तकालाध्यक्ष और पुस्प्राध्यापक के रूप में कार्य किया। 

सन 1947-54 के दौरान उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय में अध्यापन कार्य किया। 1954-57 के दौरान वह ज्यूरिख, स्विट्जरलैंड में शोध और लेखन में व्यस्त रहे। 1957 में भारत सरकार ने उन्हें पद्मश्री की उपाधि से सम्मानित किया।

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