सिद्धों की अर्चना में 512 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ समर्पित
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आचार्य कनकनन्दी ससंघ के सानिध्य में कार्तिक अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर आदिनाथ दिगम्बर जैन चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन रविवार को प्रात: जिनेन्द्र भगवान का पंचामृत अभिषेक प्रतिष्ठाचार्य पं. विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ इन्द्र समूह द्वारा किया गया, आशा देवड़ा परिवार की ओर से शांतिधारा की गई।
सेक्टर 11 स्थित आदिनाथ भवन में आचार्य कनकनन्दी ससंघ के सानिध्य में कार्तिक अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर आदिनाथ दिगम्बर जैन चेरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित नौ दिवसीय सिद्धचक्र महामंडल विधान के चौथे दिन रविवार को प्रात: जिनेन्द्र भगवान का पंचामृत अभिषेक प्रतिष्ठाचार्य पं. विनोद पगारिया के मंत्रोच्चारण के साथ इन्द्र समूह द्वारा किया गया, आशा देवड़ा परिवार की ओर से शांतिधारा की गई।
इसके बाद नवदेता पूजा, पाश्र्वनाथ पूजा एवं नन्दीश्वर द्वीप की पूजा के बाद सिद्धचक्र महामंडल विधान के तहत सातवीं पूजा में इन्द्र-इन्द्रावियाँ द्वारा आकर्षक केसरिया परिधान पहने, माला, मुकुट धारण किये सिद्धचक्र विधान मंडप पर संगीतकार केशव एण्ड पार्टी भोपाल की मधुर स्वर लहरियों के साथ मंत्रोच्चारण के साथ स्वाहा ध्वनि उच्चारित करते हुए 512 अष्ट द्रव्य श्रीफल युक्त अर्घ समर्पित किये गये जिससे विधान मंडप पर श्रीफल का पहाड़ बन गया। पूजा के दौरान धनपति कुबेर के रूप में फतहलाल मुडंलिया द्वारा रत्न वृष्टि की गई।
अष्टान्हिका पर्व के 8 उपवास का तप ट्रस्ट के महामंत्री रोशनलाल गदावत ने बताया कि अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर सेक्टर 11 में श्रीमती लक्ष्मी गदावत, मोहिनी देवी मुडंलिया, रूपी देवी बोहरा, आशा देवी कोडिया, मोहिनी देवी मुण्डफोडा एवं बसन्ती देवी द्वारा अढ़ाई तप के 8 उपवास की साधना की जा रही है। रविवार होने की वजह अनेक श्रद्धालु उपस्थित थे।
आचार्य कनकनन्दी ने कहा सामूहिक पूजा, प्रार्थना, आसपास के सम्पूर्ण वातावरण को शुद्ध करती है जैन धर्म सर्वव्यापी है यह मनुष्य ही नहीं प्राणी मात्र के मंगल की कामना करता है। पूज्य पुरूष की यानि परमात्मा की पूजा आयुबुद्धि बल एवं यश को बढ़ाती है। सोमवार को रात्रि आदिनाथ भवन में कवि सम्मेलन होगा।