हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर होगा सभी जिला व पंचायत मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन

मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति की ओर से उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर शुक्रवार को पूरे सम्भाग में प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं पंचायत स्तर पर अधिवक्तागण इसे ‘‘चेतावनी दिवस’’ के रूप में मनायेंगे तथा अपने-अपने मुख्यालय पर 2 घंटे धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कराकर इस मांग के समर्थन में मुख्यमन्त्री एवं राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। मेवाड-वागड हाईकोर्ट

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हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर होगा सभी जिला व पंचायत मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन

मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति की ओर से उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर शुक्रवार को पूरे सम्भाग में प्रत्येक जिला मुख्यालय एवं पंचायत स्तर पर अधिवक्तागण इसे ‘‘चेतावनी दिवस’’ के रूप में मनायेंगे तथा अपने-अपने मुख्यालय पर 2 घंटे धरना-प्रदर्शन का कार्यक्रम आयोजित कराकर इस मांग के समर्थन में मुख्यमन्त्री एवं राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन प्रेषित करेंगे। मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति ने इस कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं की भारी उपस्थिति के लिये आज सभी से सम्पर्क कर उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा है, ताकि सरकार को आमजन मांग पर सकारात्मक रूप से विचार करने को मजबूर किया जा सके।

मेवाड-वागड हाईकोर्ट बैंच संघर्ष समिति, उदयपुर के संयोजक शान्तिलाल चपलोत ने बताया कि वर्ष 1982 से उदयपुर में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना मांग को लेकर मेवाड़-वागड़ क्षेत्र की सभी अदालतों में अधिवक्तागण इस मांग को लेकर अपने न्यायिक कार्यों का बहिष्कार कर रहे है। चपलोत ने बताया कि हौल ही में उदयपुर जिले के सभी जनसंगठनों व राजनैतिक दलों की बैठक रखी गई, जिसमें भाजपा-काँग्रेस सहित सभी राजनैतिक पार्टियों के नेताओं व जनसंगठनों के प्रतितिधियों ने अपनी जनभागीदारी के प्रति अपना संकल्प दोहराया।

समन्वय समिति के अध्यक्ष रमेश नन्दवाना ने बताया कि उदयपुर में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की स्थापना मांग को लेकर 24 जून को मेवाड़-वागड़ के सांसदो, विधायकों, जिला प्रमुख एवं पंचायत समिति के सभी प्रधानों के साथ बैठक रखी गई थी, जिसका परिणाम भी सकारात्मक रहा और उन्होंने इस मांग के प्रति अपनी प्राथमिकता दर्शायी। मई 2017 मेवाड़-वागड़ के विधायकों से मुख्यमंत्री ने क्षेत्र की सभी समस्याओं के बारे में पूछा तो सभी ने एक स्वर से उदयपुर मे उच्च न्यायालय की खण्डपीठ अत्यावश्यक एंव आदिवसासियों की प्रमुख मांग होना कहा था, जिस पर मुख्यमंत्री ने सकारात्मक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।

महासचिव शान्तिलाल पामेचा ने बताया कि मेवाड-वागड के सभी सांसद, विधायक, जिला प्रमुख एवं सभी पंचायत समिति के प्रधान शीघ्र ही गृहमन्त्री गुलाबचन्द कटारिया के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से केवल उदयपुर में उच्च न्यायालय की खण्डपीठ की मांग को लेकर मिलने वाले है।

जिला संघर्ष समिति के संयोजक सत्येन्द्रपाल सिंह छाबडा ने बताया कि शुक्रवार को उदयपुर में हाईकोर्ट बैंच की मांग को लेकर सभी अधिवक्ताओं को अत्यावश्यक रूप से आने को कहा गया है ताकि धरना-प्रदर्शन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित की जा सकें।

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