12 बार फेल होकर भी नहीं मानी हार, फिर IPS बनकर रचा इतिहास
| Aug 12, 2026, 12:36 IST
IPS Devendra Kumar Bishnoi: सिविल सेवा में जाना हर किसी का सपना होता है। इस सपने को पूरा करने के लिए कड़ी मेहनत की आवश्यकता होती है। जो मेहनत करते हैं वो एक दिन सफल जरुर होते है इस कहावत को सच करके दिखाया है देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने । भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी देवेंद्र कुमार बिश्नोई की सफलता की कहानी उन सभी युवाओं के लिए बेहद प्रेरणादायी है, जो प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के दौरान शुरुआती असफलताओं से हार मान लेते हैं। देवेंद्र कुमार बिश्नोई वो पुलिस अफसर हैं, जिन्होंने पीसीएस परीक्षाओं में कई बार असफलता का सामना किया, लेकिन मेहनत करना कभी नहीं छोड़ा।
IPS देवेंद्र कुमार बिश्नोई ने बताया कि अन्य युवाओं की तरह उनका भी सपना सिविल सेवा में जाने का था। इसीलिए कॉलेज की पढ़ाई पूरी करते ही उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी शुरू कर दी थी। हालांकि, स्टेट PCS की परीक्षाओं में इंटरव्यू तक पहुंचने के बाद उन्हें लगभग 12 बार असफलता का सामना करना पड़ा, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और तैयारी जारी रखी।

देवेंद्र कुमार बिश्नोई बताते हैं कि बार-बार असफल होने पर वे भी स्वाभाविक रूप से निराश हुए थे। तब खुद को मोटिवेट रखने और किताबों से दूरी न बने, इसके लिए उन्होंने धार्मिक रास्ता अपनाया। जब लगातार फेल होने पर हिम्मत टूटने लगी, तो वे अपने ईष्टदेव की शरण में चले गए और अपने मन की सारी पीड़ा बयां कर दी। इस बीच वे प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी उसी उत्साह और कड़ी मेहनत के साथ करते रहे।
अपनी तैयारी और चयन का एक बेहद दिलचस्प किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया कि जब उनका राजस्थान पुलिस सेवा में चयन हुआ, तब परीक्षा में ओरिजिनल नंबर और स्केलिंग नंबर का सिस्टम लागू था। इत्तेफाक देखिए कि उनके ओरिजिनल मार्क्स भी 911 आए थे और स्केलिंग के बाद बने फाइनल मार्क्स भी 911 ही रहे। इसी कड़ी मेहनत और ईश्वर पर अटूट विश्वास का नतीजा रहा कि वे पहले RPS बने और आगे चलकर IPS के पद पर पदोन्नत हुए।

