बारिश के बाद हुई चिपचिपाहट ने कर दिया परेशान ? जाने बिना AC कमरे को ठंडा बनाने के आसान तरीके
Udaipur Times, How To Keep Room Cool : बारिश के बाद मौसम भले ही सुहाना नजर आए, लेकिन बरसात रुकते ही कई घरों में चिपचिपी और उमस भरी गर्मी परेशान करने लगती है। बाहर तापमान बहुत ज्यादा न होने के बावजूद कमरे के अंदर घुटन महसूस होती है। पंखा लगातार चलाने के बाद भी राहत नहीं मिलती और ऐसा लगता है जैसे कमरे की हवा भारी हो गई हो।
दरअसल, मॉनसून के दौरान समस्या सिर्फ गर्मी की नहीं होती, बल्कि हवा में बढ़ी नमी भी कमरे को असहज बना देती है। खासकर जिन घरों में वेंटिलेशन कम होता है, वहां नमी लंबे समय तक बनी रहती है। पंखा कमरे की हवा को तो घुमाता है, लेकिन हवा से नमी कम नहीं करता। ऐसे में कमरे को आरामदायक रखने के लिए हवा का बेहतर फ्लो और नमी को नियंत्रित करना जरूरी है।
अगर आपके घर में AC नहीं है या आप हर समय AC चलाकर बिजली का बिल नहीं बढ़ाना चाहते हैं, तो कुछ आसान उपाय अपनाकर कमरे को ज्यादा ठंडा और फ्रेश रखा जा सकता है। आइए जानते हैं बारिश के मौसम में बिना AC कमरे की उमस और गर्मी कम करने के 7 आसान तरीके।
1 बारिश रुकते ही खोल दें खिड़की-दरवाजे
बारिश रुकने के बाद कमरे में बंद और भारी हवा जमा हो जाती है। ऐसे में मौसम अनुकूल होने पर खिड़की और दरवाजे कुछ देर के लिए खोल दें। इससे कमरे की बासी हवा बाहर निकलने और ताजी हवा अंदर आने में मदद मिलेगी।
सुबह और शाम के समय प्राकृतिक हवा का फायदा उठाया जा सकता है। हालांकि, अगर बाहर बारिश हो रही हो या हवा में नमी बहुत ज्यादा महसूस हो रही हो, तो खिड़कियां लंबे समय तक खुली रखने से बचें। ज्यादा नम हवा अंदर आने से समस्या कम होने के बजाय बढ़ सकती है।
2 एग्जॉस्ट फैन का इस्तेमाल करें
अगर घर में एग्जॉस्ट फैन लगा है तो उसका इस्तेमाल सिर्फ खाना बनाने के समय ही न करें। उमस वाले मौसम में यह कमरे या बाथरूम की नम हवा बाहर निकालने में काफी मदद कर सकता है।बाथरूम में नहाने के बाद कुछ देर एग्जॉस्ट फैन चलाने से वहां जमा भाप और नमी बाहर निकलती है। इसी तरह कमरे में वेंटिलेशन की समस्या होने पर उपलब्ध एग्जॉस्ट सिस्टम का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे अंदर की भारी और नम हवा बाहर निकलने में मदद मिलती है।
3 पंखे के सामने बर्फ का बर्तन रखें
अगर कमरे में गर्मी ज्यादा महसूस हो रही है और AC उपलब्ध नहीं है, तो थोड़ी देर के लिए एक आसान ट्रिक आजमा सकते हैं। टेबल फैन के सामने बर्फ से भरा बर्तन रख दें। पंखे की हवा जब बर्फ के ऊपर से होकर गुजरेगी तो आसपास की हवा कुछ समय के लिए ठंडी महसूस हो सकती है।
हालांकि, यह तरीका कमरे की नमी को खत्म नहीं करता और न ही AC की तरह पूरे कमरे को ठंडा करता है। यह सिर्फ थोड़े समय के लिए ठंडी हवा जैसा एहसास देने में मदद कर सकता है। बर्फ पिघलने पर पानी को तुरंत हटा दें, ताकि कमरे में अतिरिक्त नमी न बढ़े।
4 कमरे में गीले कपड़े सुखाने से बचें
मॉनसून में कपड़े देर से सूखते हैं, इसलिए कई लोग उन्हें कमरे के अंदर ही टांग देते हैं। लेकिन गीले कपड़ों से निकलने वाली नमी कमरे की हवा में मिलती रहती है। इससे कमरा और ज्यादा उमस भरा महसूस हो सकता है।
इसलिए कोशिश करें कि कपड़े ऐसी जगह सुखाए जाएं जहां हवा का अच्छा फ्लो हो। अगर मजबूरी में कमरे के अंदर कपड़े सुखाने पड़ें, तो खिड़की खोलकर या उचित वेंटिलेशन के साथ उन्हें सुखाएं।
5 जरूरत से ज्यादा पानी वाला पोछा न लगाएं
बारिश के दिनों में फर्श पर गीलापन लंबे समय तक बना रहना भी कमरे की नमी बढ़ा सकता है। अगर पोछा लगाने के बाद फर्श काफी देर तक गीला रहता है, तो कमरे की हवा में नमी बढ़ने लगती है।
इसलिए फर्श साफ करते समय जरूरत से ज्यादा पानी का इस्तेमाल न करें। पोछा लगाने के बाद खिड़की-दरवाजे या अन्य वेंटिलेशन की व्यवस्था खुली रखें, ताकि फर्श जल्दी सूख सके। कमरे में पानी जमा हो तो उसे भी तुरंत साफ कर दें।
6 मॉनसून में कूलर चलाते समय रखें ध्यान
गर्मियों में कूलर राहत देता है, लेकिन बारिश के मौसम में हवा पहले से ही नमी से भरी होती है। ऐसे में कूलर का पानी वाला पंप लगातार चलाने से कमरे में नमी और बढ़ सकती है। नतीजा यह हो सकता है कि ठंडक के बजाय चिपचिपाहट ज्यादा महसूस होने लगे।
अगर बाहर पहले से ही उमस बहुत ज्यादा है तो कूलर को जरूरत के हिसाब से चलाएं। संभव हो तो ऐसे समय केवल फैन मोड का इस्तेमाल करें, जब कूलिंग की जरूरत कम हो और कमरे में हवा का फ्लो बनाए रखना ज्यादा जरूरी हो।
7 कमरे को खाली और हवादार रखें
कमरे में बहुत ज्यादा सामान रखने से हवा के आने-जाने में रुकावट पैदा होती है। भारी फर्नीचर, मोटे पर्दे और ऐसी चीजें जो नमी सोखकर लंबे समय तक बनाए रखती हैं, कमरे को ज्यादा घुटन भरा बना सकती हैं।
इसलिए मॉनसून में कमरे को ज्यादा भरा हुआ न रखें और सामान को व्यवस्थित तरीके से रखें। हल्के फैब्रिक के पर्दों का इस्तेमाल करना भी बेहतर विकल्प हो सकता है। कमरे में हवा का रास्ता खुला रहने से प्राकृतिक वेंटिलेशन बेहतर होगा और उमस कम महसूस हो सकती है।
उमस कम करने के लिए इन बातों का भी रखें ध्यान
मॉनसून में कमरे को आरामदायक रखने के लिए सिर्फ ठंडा करना ही काफी नहीं है। नमी को नियंत्रित करना भी उतना ही जरूरी है। बारिश के बाद मौसम साफ होने पर कमरे की हवा को बाहर निकालें, गीले कपड़े अंदर न सुखाएं और फर्श को ज्यादा देर तक गीला न रहने दें। अगर कमरे में लगातार सीलन, बदबू या फफूंदी दिखाई दे रही है, तो इसका कारण केवल गर्मी नहीं बल्कि लंबे समय से बनी नमी भी हो सकती है। ऐसे में वेंटिलेशन सुधारना और नमी के स्रोत को पहचानना जरूरी है। इन सभी उपायों के साथ अपने घर पर ओर कमरे के अंदर बारिश के मौषम में नमी और उमष से बचा जा सकता है।