सड़क हादसे के बाद भी नहीं छोड़ा सपना, दूसरे प्रयास में BPSC क्रैक कर बनीं अधिकारी
Udaipur Times, BPSC Success Story : बिहार के सीतामढ़ी जिले की रहने वाली उषा कुमारी ने संघर्ष और दृढ़ संकल्प की ऐसी मिसाल पेश की है, जो लाखों प्रतियोगी छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है। 69वीं BPSC परीक्षा में महज 4 अंकों से चयन से चूकने वाली उषा ने हार नहीं मानी और 70वीं BPSC परीक्षा में 322वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स के पद पर चयनित हुईं।
सड़क हादसे ने तोड़ दिया था सपना
उषा कुमारी डुमरा प्रखंड के मुरादपुर गांव की रहने वाली हैं। उनके पिता राकेश कुमार व्यवसायी हैं, जबकि मां नूतन कुमारी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता हैं।
69वीं BPSC मुख्य परीक्षा की तैयारी के दौरान उषा एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गईं। हादसे में उनके सिर में गंभीर चोट लगी और कई फ्रैक्चर हो गए। इस कारण वह मुख्य परीक्षा की तैयारी पूरी तरह नहीं कर सकीं और चयन से सिर्फ चार अंक पीछे रह गईं।
दूसरे प्रयास में मिली बड़ी सफलता
पहली असफलता के बाद उषा ने हिम्मत नहीं हारी। 70वीं BPSC परीक्षा के लिए उन्होंने अपनी रणनीति और बेहतर बनाई। उन्होंने मुख्य परीक्षा के लिए टेस्ट सीरीज जॉइन की और विभिन्न संस्थानों में मॉक इंटरव्यू दिए। उनकी मेहनत रंग लाई और उन्होंने 322वीं रैंक हासिल कर असिस्टेंट कमिश्नर ऑफ स्टेट टैक्स का पद प्राप्त किया।

AI टूल्स से भी ली मदद
उषा ने बताया कि उन्होंने तैयारी के दौरान AI टूल्स का भी इस्तेमाल किया। इसकी मदद से उन्हें कम समय में अधिक जानकारी जुटाने और कठिन विषयों को बेहतर तरीके से समझने में सहायता मिली।
नवोदय से दिल्ली यूनिवर्सिटी तक का सफर
उषा ने 10वीं की पढ़ाई जवाहर नवोदय विद्यालय, सीतामढ़ी से साल 2017 में पूरी की। 12वीं जवाहर नवोदय विद्यालय, वैशाली से 2019 में पास की। इसके बाद कॉलेज ऑफ कॉमर्स, पटना से 2022 में स्नातक और दिल्ली विश्वविद्यालय से 2024 में स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की।
अब UPSC है अगला लक्ष्य
उषा कुमारी का कहना है कि BPSC में सफलता के बाद उनका अगला लक्ष्य UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करना है। उनका मानना है कि यदि इरादे मजबूत हों तो असफलता भी सफलता की सीढ़ी बन जाती है।
