डिजिटल टेक्नोलॉजी आज की महत्ती आवश्यकता
भारतीय शिक्षा पद्धति एक जबरदस्त परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और बोर्ड्स अभी जो नीतियां परिवर्तित कर रहा है, वह डिजिटल लर्निंग के पक्ष में है परन्तु बहुत सारे विद्यालय डिजिटल पाठ्यक्रम को अपनाने के विषय में या तो अनजान हैं या अनिच्छुक हैं।
भारतीय शिक्षा पद्धति एक जबरदस्त परिवर्तन के दौर से गुजर रही है और बोर्ड्स अभी जो नीतियां परिवर्तित कर रहा है, वह डिजिटल लर्निंग के पक्ष में है परन्तु बहुत सारे विद्यालय डिजिटल पाठ्यक्रम को अपनाने के विषय में या तो अनजान हैं या अनिच्छुक हैं। वर्तमान दौर में डिजिटल टेक्नोलॉजी की महत्ती आवश्यकता है क्योंकि यह शिक्षकों को शैक्षणिक सहायता प्रदान कर उन्हें सशक्त बनाता है, ताकि वे डिजिटल कक्षाओं में प्रभावी शिक्षण-सीख प्रदान कर सके।
यह बात शनिवार को होटल इंदर रेजीडेंसी में नेक्स्ट एजुकेशन इंडिया प्रा. लि., की ओर से प्रधानाध्यापकों के लिये आयोजित नेशनल एजुकेशन सेमीनार में नेक्स्ट एजूकेशन के एकेडमिक उपाध्यक्ष डॉ. धीरज मेहरोत्रा ने कही।
डॉ. धीरज मेहरोत्रा ने बताया कि उम्मीद हैं कि हम प्रधानाचार्यों को ई-लर्निंग टेक्नोलॉजी और आरओआई के फायदों के बारे में अवगत करा पायेंगे। उन्होंने भविष्य के डिजिटल अध्यनकक्ष में मिलने वाली प्रभावी शिक्षा देने वाली तकनीक से सुसज्जित करके विद्यालयों को सशक्त करने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल से होने वाले फायदों पर प्रकाश डाला। सेमिनार द्वारा इंडस्ट्री के विशेषज्ञों और विद्यालयों के निर्णय-निर्धारकों को, बच्चों को उच्चकोटि की शिक्षा देने में होने वाले अनुभवों और चुनौतियों को एक दूसरे के साथ साझा करने का एक अवसर प्रदान किया गया।
पश्चिम क्षेत्रिय प्रमुख नवीन जैन ने बताया कि इस अवसर पर प्रधानाचार्यों को नेक्स्ट एजूकेशन के उत्पाद नेक्स्टईआरपी का डेमो दिया गया, जो कि एक स्कूल प्रशासन प्रणाली है। इससे विद्यालयों को ऐडमिशन, फीस प्रबंधन, अभिभावक-शिक्षा-विद्यार्थी संवाद, छात्र-आंकडा प्रबंधन,परीक्षा और परीक्षाफल प्रबंधन जैसी जटिल गतिविधियों को संचालित करने में मदद मिलती है। डिमांस्ट्रेशन, केस स्टडी, डिबेट, प्रजेंटेशन, पैनल डिस्कशन और प्रश्नोत्तर राउंड के साथ सत्र का समापन हुआ।
एरिया मैनेजर गौरव मेहता ने बताया कि हाल ही में नेक्स्ट एजूकेशन को ‘‘बेस्ट मल्टी-मीडिया कंटेन्ट फॉर के-12 एजूकेशन’’ में वर्ल्ड एजूकेशन अवार्ड 2012 मिला है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने देशभर में पांच हजार सहयोगी विद्यालय का पडाव पार किया है। कंपनी भारत के 600 जिलों में 4 मिलियन से अधिक विद्यार्थियों को अपनी सुविधा मुहैया करायेगी और आगामी 4 वर्षों में दस हजार विद्यालयों तक पहुंचने का लक्ष्य है।
कंपनी 8 भाषाओं में, सीबीएसई, आईसीएसई, आईजीसीएसई और भारत के 23 अन्य राज्य बोर्डों को के-12 सेगमेंट में अत्याधुनिक लर्निंग सॉल्यूशन्स उपलब्ध कराती है। कंपनी के उत्पादों में सिम्यूलेशन्स, एक्सपेरिमेंट्स, ऐनिमेटेड और इंटर ऐक्टिव उपकरण, फॉर्मेटिव और सॅमेटिव मूल्यांकन और ऐक्टिविटी किट्स शामिल है। कंपनी विद्यार्थियों के लिए डिजिटल क्लासरुम सॉल्यूशन (टीचनेक्स्ट), विद्यार्थियों के लिए निजी लर्निंग सॉल्यूशन (लर्ननेक्स्ट),अंग्रेजी, विज्ञान और गणित के लिए प्रैक्टिकल लर्निंग हेतु (नेक्स्टलैब्स),स्वचालित स्कूल प्रबंधन के लिए (नेक्स्टईआरपी) की सुविधा मुहैया कराती है।
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