पंचकर्म प्रशिक्षण कार्यक्रम में वमनकर्म का प्रत्यक्ष अनुभव
आयुर्वेद महाविद्यालय में छ: दिवसीय पंचकर्म प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन सभी प्रतिभागियों को ऑडियो विजुयल के माध्यम से वमनकर्म का प्रत्यक्ष कार्याभ्यास पंचकर्म समिति के अध्यक्ष डॉ. श्रीराम शर्मा द्वारा करवाया गया।
आयुर्वेद महाविद्यालय में छ: दिवसीय पंचकर्म प्रशिक्षण शिविर के दूसरे दिन सभी प्रतिभागियों को ऑडियो विजुयल के माध्यम से वमनकर्म का प्रत्यक्ष कार्याभ्यास पंचकर्म समिति के अध्यक्ष डॉ. श्रीराम शर्मा द्वारा करवाया गया।
आयुर्वेद विभाग के डॉ. राजीव भट्ट ने बताया कि बसंत ऋतु में स्वाभाविक रूप से शरीर में कफदोष का प्रकोप होता है एवं इस समय मौसमी बिमारियों से बचाव हेतु आयुर्वेद में वमनकर्म का विधान है।
दुसरे सत्र में गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय जामनगर के पंचकर्म विभागाध्यक्ष डॉ. अनुप ठक्कर ने स्नेहन विषय का व्याख्यान प्रस्तुत किया तथा पंचकर्म के पूर्वकर्म के रुप में स्नेहन के प्रयोग को विस्तार से समझाया।
तीसरे सत्र में अहमदाबाद प्रशान्ते आयुर्वेद पंचकर्म सेन्टर के निदेशक डॉ. शेखर शर्मा ने पूर्वकर्म स्वेदन पर व्याख्यान दिया।
चतुर्थ सत्र ने जयपुर से आये डॉ. कमलचन्द शर्मा ने अनुसंधान की विधियों को विस्तार से समझाया तथा पंचकर्म की उपयोगिता पर प्रकाश डाला।
छ: दिन चलने वाले इस प्रशिक्षण में राजस्थान से आये 50 चिकित्साधिकारी भाग ले रहे है, जो कि चिकित्सा के क्षेत्र में इस प्रशिक्षण द्वारा ज्ञान लेकर पंचकर्म को जनसामान्य के लिये उपयोगी बनायेगें।
कार्यक्रम का संचालन डॉ. राजकुमार पारिक ने किया।