गंदे पानी, गंदे घाट, गंदे किनारो से पर्यावरण, पर्यटन व पब्लिक हेल्थ को खतरा
उदयपुर,1 अप्रैल 2019 झील प्रेमियों ने एक बार फिर प्रशासन से झीलों की सुध लेने का आग्रह किया है। रविवारीय श्रमदान संवाद में डॉ अनिल मेहता ने कहा कि गंदे पानी, गंदे घाट, गंदे किनारो से पर्यावरण, पर्यटन व पब्लिक हेल्थ ( जन स्वास्थ्य) पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। तेज शंकर पालीवाल ने बताया कि पिछोला के टूटे फूटे घाट, उन पर पसरी गंदगी, मल मूत्र, काला बदबू मारता पानी यह सब मिलकर खूबसूरत पिछोला को बर्बाद कर रहे हैं।

उदयपुर,1 अप्रैल 2019 झील प्रेमियों ने एक बार फिर प्रशासन से झीलों की सुध लेने का आग्रह किया है। रविवारीय श्रमदान संवाद में डॉ अनिल मेहता ने कहा कि गंदे पानी, गंदे घाट, गंदे किनारो से पर्यावरण, पर्यटन व पब्लिक हेल्थ ( जन स्वास्थ्य) पर गहरा दुष्प्रभाव पड़ रहा है। तेज शंकर पालीवाल ने बताया कि पिछोला के टूटे फूटे घाट, उन पर पसरी गंदगी, मल मूत्र, काला बदबू मारता पानी यह सब मिलकर खूबसूरत पिछोला को बर्बाद कर रहे हैं।
नंद किशोर शर्मा ने कहा कि फतेहसागर पिछोला झीलों के किनारों पर भारी मात्रा में जमा प्रदूषक मलबे को तुरंत हटाने की जरूरत है। पल्लब दत्ता तथा इस्माइल अली दुर्गा ने कहा कि किनारो पर व्याप्त गंदगी व वंहा के मैले पानी मे नहाने वाले लोग खुद के स्वास्थ्य को भी बिगाड़ रहे है। द्रुपद सिंह, मोहन सिंह चौहान, रामलाल गहलोत ने कहा कि झीलों व जन स्वास्थ्य को बचाने के लिए नागरिकों को सक्रिय होना होगा।
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संवाद पश्चात झील प्रेमियों ने नई पुलिया समीप घाट व झील के पानी मे पड़ी गंदगी को साफ किया। श्रमदान में गरिमा, मोहन सिंह, पल्लब दत्ता, द्रुपद सिंह , इस्माइल अली दुर्गा, रामलाल गहलोत, तेज शंकर पालीवाल, नंदकिशोर शर्मा , डॉ अनिल मेहता ने भाग लिया।
