कथेतर गद्य विद्याओं पर विचार-विमर्श 18 और 19 सितम्बर को
हिन्दी के शीर्ष साहित्यकार 18 और 19 सितम्बर को कथेतर गद्य विद्याओं के बनते.बदलते स्वरूप पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में विचार.विमर्श करेंगे।
हिन्दी के शीर्ष साहित्यकार 18 और 19 सितम्बर को कथेतर गद्य विद्याओं के बनते.बदलते स्वरूप पर मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय में विचार.विमर्श करेंगे।
साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली और हिन्दी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोज्य इस राष्ट्रीय संगोष्ठी में साहित्य अकादेमी अध्यक्ष विश्वनाथप्रसाद तिवारी, विख्यात कथाकार गोविन्द मिश्र और प्रसिद्ध यात्रा वृत्तांतकार अमृतलाल वेगड़ सहित कई नामी साहित्यकार भाग लेंगे।
हिन्दी विभाग के अध्यक्ष प्रो. माधव हाड़ा ने बताया कि इस संगोष्ठी के उद्घाटन सत्र में अकादेमी अध्यक्ष प्रो. विश्वनाथप्रसाद तिवारी मुख्य अतिथि होंगे। इसमें बीज वक्तव्य अजित कुमार और आरंभिक वक्तव्य सूर्यप्रकाश दीक्षित देंगे। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कुलपति प्रो. आइण्वीण्त्रिवेदी करेंगे जबकि सामाजिक विज्ञान एवं मानविकी महाविद्यालय की अधिष्ठाता प्रोण्फरीदा शाह विशिष्ट अतिथि होंगी।
प्रो. हाड़ा ने बताया कि इस दो दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी में ललित निबंधए यात्रा वृत्तांत, जीवनी, आत्मकथाए संस्मरण, रेखाचित्र और मीडिया के गद्य पर विचार किया जाएगा। संगोष्ठी में रंजना अरगडे़ए प्रदीप सौरभ, सतीश जायसवाल, शाज़ी जमा, अरुणेश नीरन, श्यामससुंदर दुबेए हेतु भारद्वाज, दुर्गाप्रसाद अग्रवाल, नीरजा माधव, हनुमानप्रसाद शुक्ल, रामशंकर द्विवेदीए महावीर अग्रवाल राहुलदेव आदि के साथ कई स्थानीय साहित्यकार, साहित्य प्रेमी और शोधार्थी शामिल होंगे।
