‘चुनाव प्रक्रिया में चुनाव अयोग की भूमिका’ विषयक परिचर्चा
गुरुनानक कन्या महाविद्यलय में आज ‘चुनाव प्रक्रिया में चुनाव अयोग की भूमिका’ विषयक परिचर्चा आयोजित की गई जिसमें मुख्य वक्ता मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के प्रो. जी.एस. कुम्पावत, राजनिति विभाग व डॉ. अरूणप्रभा चौधरी थी।
गुरुनानक कन्या महाविद्यलय में आज ‘चुनाव प्रक्रिया में चुनाव अयोग की भूमिका’ विषयक परिचर्चा आयोजित की गई जिसमें मुख्य वक्ता मोहनलाल सुखाडिया विश्वविद्यालय के प्रो. जी.एस. कुम्पावत, राजनिति विभाग व डॉ. अरूणप्रभा चौधरी थी।
परिचर्चा में मुख्य वक्ता प्रो. सुरेन्द्र कटारिया ने कहा कि, चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, जहां चुनावी प्रक्रिया का प्रणेता है। चुनावों को विधिवत संपन्न करवाना चुनाव अयोग का मूल ध्येय है। वर्तमान परिपेक्ष्य में चुनाव आयोग अपनी महत्ती भूमिका का निर्वहन कर रहा है।
उन्होंने कहा कि आयोग द्वारा जहां निष्पक्ष निर्वाचन की आधारशिला रख रहा है वहीं मतदाता जागरुकता अभियान चलाकर इस महापर्व की सफलता सुनिश्चित कर रहा है।
मुख्य अतिथि प्रो. संजय लोढा ने कहा कि लोकतंत्र का मूल निर्वाचन आयोग है। निर्वाचन आयोग अपनी सूझबूझ व दूरदर्शिता से चुनावी प्रक्रिया को संपन्न करवाकर स्थानीय निकाय से लेकर लाकसभा की दहलीज तक अपनी कार्यकुशलता का प्रसार करता है। आयोग अपनी आचार संहिताओं के द्वारा चुनावी प्रक्रिया को पावनता व स्वछता से पूर्ण करवाता हैं।
प्रो. जी. कुम्पावत ने चुनावी प्रक्रिया में सहभागिता निभाकर लोकतंत्र के महापर्व को सफल बनाने की अपील की। प्रो. डॉ. अरूणप्रभा चौधरी ने अधिक से अधिक मतदान के द्वारा चुनावी प्रक्रिया को लक्ष्य तक पहुंचाने की अपील की।
परिषद संयोजिका अनिता चौबीसा ने नवमतदाताओं के द्वारा मतदान में भाग लेकर राष्ट्र में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।
परिचर्चा में प्रश्नोत्तरी के माध्यम से शंकाओं का समाधान किया गया। परिचर्चा का संचालन प्राध्यापिका अनिता पालीवाल ने किया व धन्यवाद उपाचार्य डॉ. अनुज्ञा पोरवाल ने ज्ञापित किया।

