कैंसर जैसी बीमारियों भी आर्ट ऑफ लिविंग से ठीक हुई
मनुष्य स्वतंत्रता एवं खुशी प्राप्त करने के लिए जीवन चर्या करता है लेकिन यदि उसका समुचित उपयोग न हो तो ये ही स्वतंत्रता एवं खुशी कभी-कभी उसके दुखों का कारण भी बन जाते है क्योंकि मनुष्य अपनी प्रवृत्ति के अनुसार छोटे-छोटे कार्यो में अपनी खुशी को अटकाना प्रारम्भ कर देता है।

मनुष्य स्वतंत्रता एवं खुशी प्राप्त करने के लिए जीवन चर्या करता है लेकिन यदि उसका समुचित उपयोग न हो तो ये ही स्वतंत्रता एवं खुशी कभी-कभी उसके दुखों का कारण भी बन जाते है क्योंकि मनुष्य अपनी प्रवृत्ति के अनुसार छोटे-छोटे कार्यो में अपनी खुशी को अटकाना प्रारम्भ कर देता है।
यह कहना था आर्ट ऑफ लिविंग के सिद्धार्थ पाण्डे का। जो रोटरी क्लब उदयपुर द्वारा रोटरी बजाज भवन में तनाव रहित जीवन, जीवन प्रबंधन, दैनदिनी जीवन की समस्याओं का हल, ध्यान पर आयोजित वार्ता में मुख्य वक्ता के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जीवन में खुश एवं दुखी रहना प्राण उर्जा पर निभ्रर करता है। प्राण उर्जा का स्तर जितना ऊंचा या नीचा होगा मनुष्य की खुुशी का दुख भी उतना कम या अधिक होगा।
पाण्डे ने बताया कि इस बात की वैज्ञानिक भी पुष्टि कर चुके है कि आर्ट ऑफ लिविंग के नियमित अभ्यास से कैंसर जैसी बीमारियों के जीवाणु 40 प्रतिशत तक नष्ट हुए है। भूतकाल की बातों को लेकर हम अपने वर्तमान को कष्टमय नहीं बनायें। जेलो मे बंद कैदियों को आर्ट ऑफ लिविंग के कोर्स कराये जा रहे है जिसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे है। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सदस्यों को ध्यान कराकर उसका महत्व बताया।
इस अवसर पर क्लब अध्यक्ष गजेन्द्र जोधावत ने आर्ट ऑफ लिविंग के महत्व पर प्रकाश डाला। उससे होने वाले लाभों के बारें में बताया। जोधावत ने बताया कि निकटवर्ती गांवों के राजकीय विद्यालयों में बच्चों के बैठने एंव अध्ययन की समुचित व्यवस्था न होने के कारण उनकी स्थिति बहुत दयनीय हो रही है। ऐसे में उनके आव्हान पर क्लब सदस्यों ने बच्चेंा के बैठने एवं अध्ययन के लिए बैंचें एवं टेबल देने कर घोषणाएं की। प्रारम्भ मं कांता जोधावत ने ईश वंदना प्रस्तुत की।
दिलीप सुखाडिय़ा ने पाण्डे का उपरना ओढ़ाकर स्वागत किया। डॉ. एल.एल.धाकड़ ने पाण्डे का परिचय दिया। मानिक नाहर ने स्मृतिचिन्ह प्रदान किया। अंत में सचिव सुभाष सिंघवी ने आभार ज्ञापित किया। इस अवसर पर आर्ट ऑफ लिविंग की प्राचार्या गुलशन भी मौजूद थी।