जिला कलक्टर ने ली अधिकारियों की बैठक
जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में जिले के समस्त प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों व योजनाओं की समीक्षा करते हुए बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में महत्त्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए।

जिला कलक्टर रोहित गुप्ता ने मंगलवार को जिला परिषद सभागार में जिले के समस्त प्रशासनिक एवं विभागीय अधिकारियों की बैठक लेकर विभागीय कार्यों व योजनाओं की समीक्षा करते हुए बेहतर क्रियान्वयन के संबंध में महत्त्वपूर्ण निर्देश प्रदान किए।
बंद पड़ी जलप्रदाय योजनाओं को शुरू करवाएं:
कलक्टर गुप्ता ने ग्रीष्म ऋतु की शुरूआत को देखते हुए जिले में जलापूर्ति की बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित कराने की मंशा से बैठक के आरंभ में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की समीक्षा की और जिले में जलप्रदाय योजनाओं की स्थिति के बारे में पूछा।
उन्होंने उपखण्ड अधिकारियों व तहसीलदारों से क्षेत्र में पेयजलापूर्ति के लिए संचालित योजनाओं के संचालन के बारे में जानकारी ली और विकास अधिकारियों को बंद पड़ी जनता जल योजनाओं में बिजली बिलों के नहीं भरने की स्थितियों से संबंधित प्रकरणों का निस्तारण कर जलापूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस दौरान पूर्व निर्देशों की अनुपालना में अनटाइड फण्ड का उपयोग कर पेयजल परियोजनाओं का चालू कराने को भी कहा।
दो दिनों में दो नरेगा श्रमिकों को रोजगार:
बैठक में महात्मा गांधी नरेगा योजना की समीक्षा करते हुए कलक्टर गुप्ता ने जिले में योजना के तहत नियोजित श्रमिकों की संख्या पर असंतोष व्यक्त करते हुए समस्त कार्यक्रम अधिकारियों को निर्देश प्रदान किए कि अगले दो दिनों में 1.5 लाख श्रमिकों को नियोजित किया जावे।
उन्होंने कहा कि क्षेत्र में रोजगार की मांग है अतः इसके अनुरूप आवश्यक मस्टर रोल जारी कर नियमानुसार रोजगार मुहैया करवाया जाए।
उन्होंने कुछ पंचायत समितियों में तकनीकी कर्मचारियों की कमी की स्थिति पर अधिकारियों को आनुपातिक ढंग से कर्मचारियों का वितरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने नरेगा में वन विभाग को 30 हजार श्रमिक उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए जल संसाधन और अन्य विभागों को नरेगा के माध्यम से श्रमिकों को नियोजित कर विभागीय कार्य संपादित किये जायें।
खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत का लक्ष्य हासिल करें:
समीक्षा बैठक दौरान जिला कलक्टर गुप्ता ने स्वच्छ भारत मिशन की समीक्षा की और जिले में खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायतों घोषित करने के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने समस्त विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने ब्लॉक से तीन-तीन ग्राम पंचायतों के नाम सुझावें ताकि उनमें से कम से कम एक पंचायत को जून माह के अंत तक खुले में शौच मुक्त ग्राम पंचायत घोषित किया जा सके।
स्लोगन लिखो, प्रमाण पत्र दो:
बैठक में जिला कलक्टर गुप्ता ने कहा कि पूर्व में राज्य सरकार के निर्देशानुसार समस्त सरकारी कार्यालयों व ग्राम पंचायतों में शपथ पत्रों व रसीद देने के संबंध में लिखे जाने वाले स्लोगन को आगामी तीन दिनों में लिखवाना सुनिश्चित करें। उन्होंने बताया कि इसके तहत ’राज्य सरकार द्वारा एक जनवरी,2015 से शपथ पत्र देने की व्यवस्था को समाप्त कर दिया है एवं दस्तावेजों की स्वयं द्वारा प्रमाणित प्रतिलिपियां लगाने की व्यवस्था की है।
‘वहीं’ यहां समस्त विभागों से संबंधित परिवाद, परिवेदनाएं एवं प्रार्थना पत्र प्राप्त किए जा कर प्राप्ति रसीद दी जाती है। पावती रसीद प्राप्त करना आपका अधिकार हैं।’’ का लेखन कराना होगा। उन्होंने इन स्लोगनों को तीन दिन में लिखवाकर संबंधित विभागीय अधिकारी को प्रमाण पत्र देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में जिला प्रशासन द्वारा टीम बनाकर इस लेखन की पुष्टि कराने की बात भी कही।
औपचारिक न हो सोशल ऑडिट:
बैठक दौरान जिला कलक्टर ने ग्राम पंचायतों में महात्मा गांधी नरेगा के तहत कराई जाने वाली सोशल ऑडिट के संबंध में जानकारी ली और निर्देशित किया कि सोशल ऑडिट औपचारिक न हो और इसमें प्रत्येक ग्राम पंचायत में एसडीओ, तहसीलदार अथवा विकास अधिकारी में से कोई न कोई एक अधिकारी अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें।
चिकित्सा विभाग को सराहा:
बैठक दौरान कलक्टर ने चिकित्सा विभाग द्वारा परिवार कल्याण कार्यक्रम में प्रदेश में अव्वल रहने के साथ ही मलेरिया निवारण में अर्जित की गई उपलब्धियों के लिए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की सराहना की। उन्होंने जिले में ब्लॉेकवार रिक्त पदों और उनके मुकाबले कार्य कर रही एएनएम की स्थितियों के बारे में भी जानकारी ली तथा चिकित्साधिकारियों को उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए पूरी ऊर्जा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
अन्य विभागों की भी हुई समीक्षा:
बैठक में कलक्टर ने पशुपालन, कृषि, रसद, शिक्षा विभाग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता, टीएडी आदि विभागों के कामकाज के साथ भामाशाह योजना, मतदाता सूचियों के शुद्धिकरण, मिड-डे-मिल आदि कार्यक्रमों में की प्रगति और की जा रही कार्यवाही की समीक्षा करते हुए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस अरविंद कुमार पोसवाल, अतिरिक्त जिला कलक्टर छोगाराम देवासी, मनवीरसिंह अत्री, एसीईओ कैलाशचंद्र लखारा व समस्त विभागीय अधिकारी, उपखण्ड अधिकारी, तहसीलदार व विकास अधिकारी मौजूद थे।
कलेक्ट्रेट परिसर का आकस्मिक निरीक्षण
कलक्टर रोहित गुप्ता ने मंगलवार को उदयपुर जिला कलेक्ट्रेट परिसर स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण कर वहां के अधिकारियों से संबंधित दायित्वों बाबत जानकारी ली एवं आवश्यक दिशा-निर्देश दिये।
उन्होंने कलेक्ट्रेट परिसर को पूर्ण स्वच्छ बनाये रखने, कार्यालयों को सुसज्जित एवं आकर्षक बनाये रखने के निर्देश अधिकारियों को दिये। साथ ही सभी कर्मचारी एवं अधिकारियों के समय पर कार्यालय में उपस्थित होने तथा कार्य का त्वरित निस्तारण करने पर ध्यान देने की जरूरत बतायी।
